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चंडीगढ़ नगर निगम ने प्रवर्तन में पारदर्शिता के लिए बॉडी-वॉर्न कैमरे अनिवार्य किए

चंडीगढ़ नगर निगम ने अपने प्रवर्तन तंत्र को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए बॉडी-वॉर्न कैमरे का उपयोग अनिवार्य कर दिया है। इस पहल का उद्देश्य कार्रवाई का डिजिटल रिकॉर्ड बनाना है, जिससे नागरिकों और कर्मचारियों के अधिकारों की सुरक्षा हो सके। मेयर सौरभ जोशी के अनुसार, यह निर्णय विवादों को कम करने और प्रशासन में जवाबदेही बढ़ाने के लिए लिया गया है। जानें इस नई व्यवस्था के पीछे के उद्देश्य और इसके संभावित लाभ।
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चंडीगढ़ में नया कदम


चंडीगढ़: चंडीगढ़ नगर निगम ने अपने प्रवर्तन तंत्र को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब, फील्ड में कार्यरत प्रवर्तन शाखा के सभी कर्मचारियों को कार्रवाई करते समय बॉडी-वॉर्न कैमरे पहनना अनिवार्य होगा। नगर निगम का मानना है कि इस पहल से हर कार्रवाई का डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध होगा, जिससे नागरिकों और कर्मचारियों के अधिकारों की सुरक्षा होगी और कार्यप्रणाली में निष्पक्षता बढ़ेगी।


कैमरे का अनिवार्य उपयोग

नगर निगम के नए निर्देशों के अनुसार, प्रवर्तन शाखा के सभी फील्ड अभियानों की निगरानी कैमरे द्वारा की जाएगी। कर्मचारियों को कार्रवाई के दौरान बॉडी-वॉर्न कैमरा पहनना आवश्यक होगा, जिससे सभी गतिविधियों और नागरिकों के साथ बातचीत का रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा, जिसे आवश्यकता पड़ने पर देखा जा सकेगा।


फील्ड स्टाफ को मिले कैमरे

नगर निगम ने सब-इंस्पेक्टर, चालक, मजदूर और अन्य फील्ड स्टाफ को बॉडी-वॉर्न कैमरे प्रदान कर दिए हैं। अब किसी भी प्रवर्तन अभियान में बिना कैमरे के कार्य नहीं किया जाएगा। इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य कार्रवाई के दौरान पारदर्शिता बनाए रखना और सभी पक्षों के लिए स्पष्ट रिकॉर्ड तैयार करना है।


विवादों को कम करने की योजना

मेयर सौरभ जोशी ने कहा कि यह निर्णय नागरिकों और कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। उनका कहना है कि रिकॉर्डिंग उपलब्ध होने से गलतफहमियों, अनावश्यक विवादों और शिकायतों की निष्पक्ष जांच में आसानी होगी। आवश्यकता पड़ने पर वीडियो रिकॉर्डिंग को साक्ष्य के रूप में भी इस्तेमाल किया जा सकेगा।


प्रवर्तन कार्यप्रणाली में तकनीक का उपयोग

नगर निगम का मानना है कि आधुनिक तकनीक का उपयोग प्रशासनिक कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाएगा। डिजिटल रिकॉर्डिंग से प्रवर्तन शाखा की कार्यशैली पेशेवर बनेगी और जवाबदेही भी बढ़ेगी। इससे कार्रवाई की विश्वसनीयता में सुधार होगा और लोगों का प्रशासन पर भरोसा बढ़ने की संभावना है।


नागरिक-केंद्रित प्रशासन की दिशा में प्रगति

मेयर सौरभ जोशी ने कहा कि पारदर्शी शासन ही जनता के विश्वास की सबसे मजबूत नींव है। उनके अनुसार, बॉडी-वॉर्न कैमरों का अनिवार्य उपयोग चंडीगढ़ में तकनीक आधारित और नागरिक-केंद्रित प्रशासन को बढ़ावा देगा। नगर निगम का लक्ष्य ऐसी व्यवस्था विकसित करना है, जिसमें जवाबदेही और निष्पक्षता दोनों सुनिश्चित हो सकें।