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चंडीगढ़ भाजपा कार्यालय पर ग्रेनेड हमले की चार्जशीट दाखिल, विदेशी हैंडलरों का हाथ

चंडीगढ़ पुलिस ने पंजाब भाजपा कार्यालय पर हुए ग्रेनेड हमले की जांच पूरी कर ली है और 11 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। इस मामले में विदेशी हैंडलरों की भूमिका और पाकिस्तान से भेजे गए हथियारों का जिक्र किया गया है। जांच में यह भी सामने आया है कि हमलावरों ने पहले एक अन्य कार्यालय को निशाना बनाया था, लेकिन भीड़ देखकर योजना में बदलाव किया। पुलिस ने इस मामले में कई महत्वपूर्ण तथ्य उजागर किए हैं, जो अदालत में सुनवाई के दौरान सामने आएंगे।
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पंजाब भाजपा कार्यालय पर ग्रेनेड हमले की जांच पूरी


चंडीगढ़ पुलिस ने हाल ही में पंजाब भाजपा कार्यालय पर हुए ग्रेनेड हमले की जांच पूरी कर ली है और इस मामले में 11 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट अदालत में पेश की है। जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि इस हमले की साजिश विदेश में बैठे हैंडलरों द्वारा बनाई गई थी, जबकि हथियार पाकिस्तान से ड्रोन के माध्यम से भारत में भेजे गए थे। पुलिस के अनुसार, हमले के लिए स्थानीय युवकों का उपयोग किया गया और योजना को एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के जरिए संचालित किया गया।


विदेशी हैंडलरों की भूमिका

चार्जशीट में बताया गया है कि इस हमले की योजना पुर्तगाल में बलजोत सिंह उर्फ जोता, सुरजीत उर्फ सरपंच और फ्रांस में औजला द्वारा बनाई गई थी। जांच में यह भी सामने आया है कि विदेशी हैंडलर सुरक्षित मैसेजिंग ऐप के माध्यम से आरोपियों के संपर्क में थे। पुलिस ने यह भी कहा कि फ्रांस से डिजिटल माध्यम से धन का लेन-देन किया गया।


ड्रोन से भेजे गए हथियार

जांच में यह बात सामने आई है कि पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए दो हैंड ग्रेनेड, एक पिस्टल और कई कारतूस भारत में भेजे गए थे। यह सामग्री पंजाब के विभिन्न व्यक्तियों के माध्यम से आगे बढ़ाई गई और अंततः हमले के आरोपियों तक पहुंची। पुलिस का कहना है कि पूरे नेटवर्क ने अपनी पहचान छिपाने के लिए विभिन्न तरीकों का सहारा लिया।


हमले की योजना में बदलाव

चार्जशीट में उल्लेख किया गया है कि हमलावर पहले सेक्टर 33 स्थित भाजपा कार्यालय पहुंचे थे, लेकिन वहां अधिक भीड़ देखकर उन्होंने अपनी योजना में बदलाव किया। इसके बाद, गूगल मैप की सहायता से वे सेक्टर 37 स्थित पंजाब भाजपा कार्यालय पहुंचे। कुछ समय तक रेकी करने के बाद, उन्होंने ग्रेनेड फेंका और वहां से सार्वजनिक बस के जरिए भाग गए।


कोडवर्ड का उपयोग

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपित ग्रेनेड को 'प्याज' और गोलियों को 'दाने' कहकर संदर्भित करते थे। पुलिस के अनुसार, हथियारों से भरा बैग कई लोगों के हाथों से गुजरते हुए अंतिम आरोपियों तक पहुंचा। इस दौरान, इंटरनेट आधारित सुरक्षित एप के जरिए लगातार संपर्क बनाए रखा गया।


चार्जशीट में महत्वपूर्ण खुलासे

पुलिस का कहना है कि जांच में सीमा पार आतंकी नेटवर्क, नार्को तस्करी और विदेशी हैंडलरों की भूमिका से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। चार्जशीट में इन सभी पहलुओं का उल्लेख किया गया है। अब अदालत में सुनवाई के दौरान मामले से जुड़े साक्ष्यों और आरोपों की विस्तार से जांच की जाएगी।