चंडीगढ़ में औद्योगिक विकास के लिए FAR में वृद्धि की संभावना
चंडीगढ़ में औद्योगिक क्षेत्र को मिली राहत
चंडीगढ़: चंडीगढ़ के औद्योगिक क्षेत्र के लिए एक सकारात्मक समाचार सामने आया है। प्रशासन ने केंद्र सरकार को औद्योगिक सुधारों के प्रस्ताव भेजे हैं, जिन पर जल्द ही निर्णय लिया जा सकता है। यदि यह प्रस्ताव मंजूर होता है, तो उद्योगपतियों को अपने व्यवसाय को बढ़ाने के लिए अधिक निर्माण क्षेत्र उपलब्ध होगा। प्रशासन का मानना है कि यह कदम शहर के औद्योगिक विकास को नई दिशा देगा। प्रशासक गुलाब चंद कटारिया इस मामले में केंद्रीय गृह मंत्रालय के संपर्क में हैं। मंजूरी मिलने पर उद्योगों से जुड़े कई पुराने नियमों में भी छूट दी जाएगी, जिससे नए निवेश को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
औद्योगिक क्षेत्रों में FAR में वृद्धि
प्रस्ताव के अनुसार, इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 और फेज-2 में फ्लोर एरिया रेशियो (FAR) को 0.75 से बढ़ाकर 2 करने की सिफारिश की गई है। वहीं, फेज-3 में इसे 2.50 तक बढ़ाने का प्रस्ताव है। इसके साथ ही कुछ अतिरिक्त वाणिज्यिक गतिविधियों और सेवा क्षेत्र से संबंधित व्यवसायों को अनुमति देने की योजना है, जिससे उद्योगों को विस्तार के बेहतर अवसर मिल सकेंगे।
नियमों में बदलाव से उद्योगों को मिलेगा लाभ
प्रशासन ने सेंट्रल कोर्टयार्ड की अनिवार्यता को समाप्त करने और नए सेटबैक नियम लागू करने की सिफारिश की है। इन परिवर्तनों से उद्योगपतियों को अतिरिक्त निर्माण क्षेत्र प्राप्त होगा, जिससे उत्पादन क्षमता बढ़ाने, नए प्रोजेक्ट शुरू करने और व्यवसाय का विस्तार करने में सहूलियत होगी।
मंजूरी के बाद नई व्यवस्था का गठन
प्रशासन के अनुसार, केंद्र सरकार की मंजूरी मिलने के बाद FAR बढ़ाने के लिए शुल्क निर्धारित किया जाएगा। इसके लिए एक अलग समिति का गठन किया जाएगा। FAR में वृद्धि से प्लॉट का उपयोग क्षेत्र बढ़ेगा और उद्योगपतियों को अधिक कार्यक्षेत्र मिलेगा। इससे प्रशासन को भी अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होने की संभावना है।
संसद में उठी FAR बढ़ाने की मांग
FAR बढ़ाने का मुद्दा लोकसभा में भी चर्चा का विषय बन चुका है। सांसद मनीष तिवारी ने इस संबंध में प्रश्न उठाया था। इसके बाद प्रशासक के निर्देश पर गठित समिति ने उद्योग प्रतिनिधियों से चर्चा कर अपनी रिपोर्ट तैयार की, जिसमें उद्योगों को राहत देने और विकास को गति देने के कई सुझाव शामिल हैं।
फैक्ट्री आउटलेट और फेज-3 पर ध्यान केंद्रित
प्रस्ताव में फैक्ट्री आउटलेट खोलने की अनुमति देने और फेज-3 के प्लॉटों की ई-नीलामी शुरू करने की योजना भी है। प्रशासन का मानना है कि FAR बढ़ने के बाद इन प्लॉटों की मांग में वृद्धि होगी। उद्योग संगठनों का कहना है कि इससे चंडीगढ़ की इंडस्ट्री को मजबूती मिलेगी और पंचकूला व मोहाली की ओर उद्योगों के स्थानांतरण की गति भी कम होगी।
