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चंडीगढ़ में कैब सेवाओं का विवाद: निलंबित ऐप्स पर कार्रवाई की मांग

चंडीगढ़ में कैब सेवाओं को लेकर एक नया विवाद उत्पन्न हो गया है, जहां ओला, उबर, इंड्राइव और रैपिडो के लाइसेंस निलंबित होने के बावजूद बुकिंग जारी है। ट्राइसिटी कैब चालक कल्याण संघ ने प्रशासन से तकनीकी रोक लगाने की मांग की है। संघ का कहना है कि चालकों के खिलाफ कार्रवाई उचित नहीं है, जब तक कि ऐप पर बुकिंग बंद नहीं होती। प्रशासन से भू-घेराबंदी और लोकेशन आधारित तकनीक का उपयोग करने की अपील की गई है। क्या प्रशासन इस मुद्दे का समाधान करेगा? जानें पूरी कहानी में।
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चंडीगढ़ में कैब सेवाओं का नया विवाद


चंडीगढ़ में कैब सेवाओं को लेकर एक नया विवाद उत्पन्न हो गया है। ओला, उबर, इंड्राइव और रैपिडो जैसे प्लेटफार्मों के लाइसेंस निलंबित होने के बावजूद, इन सेवाओं के माध्यम से यात्रियों को लेने और छोड़ने की शिकायतें सामने आई हैं। ट्राइसिटी कैब चालक कल्याण संघ ने इस मुद्दे पर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए राज्य परिवहन प्राधिकरण के सचिव को एक ज्ञापन सौंपा है। संघ ने मांग की है कि ऐप के माध्यम से होने वाली बुकिंग पर तुरंत तकनीकी रोक लगाई जाए।


निलंबन के बावजूद बुकिंग का मामला

संघ ने प्रशासन से यह सवाल किया है कि यदि संबंधित कंपनियों को चंडीगढ़ में सेवा देने की अनुमति नहीं है, तो उनके ऐप शहर की सीमा में सवारी कैसे स्वीकार कर रहे हैं। संगठन का कहना है कि ऐप पर बुकिंग उपलब्ध होने के कारण चालक यात्रियों को लेने के लिए पहुंच रहे हैं, जिसके बाद नियमों के उल्लंघन के आरोप में चालकों के चालान किए जा रहे हैं।


चालकों पर कार्रवाई पर सवाल

ट्राइसिटी कैब चालक कल्याण संघ का कहना है कि ऐप पर यात्रा का विकल्प कंपनी द्वारा उपलब्ध कराया जा रहा है। इसलिए, केवल चालकों के खिलाफ कार्रवाई करना उचित नहीं है। संघ के अध्यक्ष वरदीप सिंह ने कहा कि पहले चंडीगढ़ में डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बुकिंग बंद होनी चाहिए, उसके बाद ही चालक के स्तर पर किसी उल्लंघन की जांच की जानी चाहिए।


तकनीकी समाधान की मांग

संघ ने प्रशासन से सूचना प्रौद्योगिकी विभाग और सेमीट की सहायता लेने की अपील की है। संगठन के अनुसार, भू-घेराबंदी और लोकेशन आधारित तकनीक के माध्यम से निलंबित कंपनियों के ऐप को चंडीगढ़ की सीमा के भीतर सवारी स्वीकार करने से रोका जा सकता है। इससे ऐप से मिलने वाली यात्राओं के कारण चालकों के शहर में प्रवेश करने की स्थिति भी समाप्त हो जाएगी।


ज्ञापन की प्रतियां कई अधिकारियों को भेजी गईं

संघ ने अपना ज्ञापन राज्य परिवहन प्राधिकरण के सचिव को सौंपा है। इसकी प्रतियां वित्त-सह-परिवहन सचिव, चंडीगढ़ के मुख्य सचिव, प्रशासक गुलाबचंद कटारिया, सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के निदेशक और सेमीट प्रमुख को भी भेजी गई हैं। संघ ने प्रशासन से इस पूरे मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की है।


पहले भी उठ चुका है यह मुद्दा

संघ के अनुसार, वह इस विषय में प्रशासन को पहले कानूनी नोटिस भी दे चुका है। संगठन लगातार ऐप आधारित बुकिंग और चालकों के चालान का मुद्दा उठाता रहा है। संघ को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द तकनीकी समाधान लागू करेगा, ताकि निलंबित सेवाओं के ऐप से चंडीगढ़ में बुकिंग और पिकअप पर रोक लगे और चालकों को अनावश्यक कार्रवाई से राहत मिल सके।