चंडीगढ़ में प्रदर्शन के दौरान वारिस पंजाब दे के नेताओं पर कार्रवाई
सांसद अमृतपाल सिंह की रिहाई के लिए प्रदर्शन
चंडीगढ़ में वारिस पंजाब दे के सदस्यों ने सांसद अमृतपाल सिंह और अन्य सिख नेताओं की रिहाई की मांग को लेकर एक बड़ा प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारी चंडीगढ़ पुलिस के साथ भिड़ गए। प्रदर्शन की शुरुआत मोहाली के गुरुद्वारा अंब साहिब से हुई थी।
प्रदर्शनकारी पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के निवास की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन चंडीगढ़-मोहाली सीमा पर पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम किए थे। पुलिस ने बताया कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए हल्का बल और वाटर कैनन का उपयोग किया गया। हालांकि, प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़ दिए और पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया। इस घटना में वाटर कैनन के चालक और एएसआई गुरजीत सिंह घायल हुए, जबकि अन्य पुलिसकर्मियों को भी हल्की चोटें आईं।
15 लोगों पर एफआईआर दर्ज
इस घटना के बाद चंडीगढ़ पुलिस ने अकाली दल (वारिस पंजाब दे) के नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ सेक्टर-49 थाने में एफआईआर नंबर 43/2026 दर्ज की है। इस एफआईआर में विधायक मनप्रीत सिंह अयाली समेत 15 नेताओं का नाम शामिल किया गया है।
एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि कुछ प्रदर्शनकारी तलवार, फरसे, कुल्हाड़ी और डंडे लेकर आए थे।
पुलिस ने बताया कि 29 जुलाई को लगभग 2,500 से 3,000 प्रदर्शनकारी गौशाला चौक पर इकट्ठा हुए और सड़क जाम कर दी। आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के समझाने के बावजूद बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की, पुलिस पर हमला किया और सरकारी कार्य में बाधा डाली। पुलिस ने सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, पुलिस पर हमले और कानून-व्यवस्था भंग करने के आरोप में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 121(1), 132 और 223 के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
