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चंडीगढ़ में मतदाता सूची का पुनरीक्षण: 66,681 नाम हटाए जाएंगे

चंडीगढ़ में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण का कार्य पूरा हो गया है, जिसमें 66,681 नाम हटाए जाएंगे। यह प्रक्रिया 21 जुलाई को प्रारूप सूची जारी करने के साथ आगे बढ़ेगी। जानें कि किन कारणों से नाम कट रहे हैं और आगे की प्रक्रिया क्या होगी। सभी मतदाताओं को अपनी सूची चेक करने की सलाह दी गई है।
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मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण पूरा


चंडीगढ़: मतदाता सूची को सही और साफ-सुथरा बनाने के लिए किए गए विशेष गहन पुनरीक्षण का कार्य अब समाप्त हो चुका है। निर्वाचन विभाग के अनुसार, इस प्रक्रिया में 66,681 मतदाताओं के नाम हटाए जाएंगे, जिनकी प्रारूप सूची 21 जुलाई को जारी की जाएगी।


चंडीगढ़ में कुल 5,16,427 मतदाता पंजीकृत हैं। विशेष पुनरीक्षण के दौरान विभाग ने घर-घर जाकर मतदाताओं की जांच की। इसमें 3,80,147 मतदाताओं का मैपिंग सफलतापूर्वक किया गया है, जबकि 69,484 मतदाताओं ने गणना फॉर्म जमा किए हैं, लेकिन उनका मैपिंग अभी बाकी है।


सबसे बड़ी संख्या उन 66,681 मतदाताओं की है जिन्होंने निर्धारित समय पर फॉर्म नहीं भरे। ऐसे सभी मतदाताओं के नाम 21 जुलाई को जारी होने वाली ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल नहीं किए जाएंगे, जिससे उनके नाम वोटर लिस्ट से हट जाएंगे।


नाम कटने के कारण

किन-किन कारणों से नाम कट रहे हैं?


विभाग के आंकड़ों के अनुसार:-


3,521 मतदाता अब इस दुनिया में नहीं रहे हैं।


43,878 मतदाता स्थायी रूप से चंडीगढ़ छोड़कर अन्य शहरों में चले गए हैं।


12,886 मतदाता अनुपस्थित पाए गए हैं, यानी उनके फॉर्म विभाग तक नहीं पहुंचे।


इन सभी कारणों से कुल 66,681 नाम हटाए जा रहे हैं।


आगे की प्रक्रिया

अब क्या होगा?


21 जुलाई को प्रारूप मतदाता सूची जारी होने के बाद सभी योग्य मतदाताओं को दावे और आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर मिलेगा। यदि किसी का नाम गलती से कट गया है या कोई सुधार करना चाहता है, तो वे निर्वाचन कार्यालय में जाकर अपनी बात रख सकते हैं। विभाग इन दावों की जांच करके अंतिम सूची तैयार करेगा।


प्रेस कॉन्फ्रेंस की जानकारी

15 जुलाई को प्रेस कॉन्फ्रेंस


मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रेरणा पुरी (आईएएस) 15 जुलाई को सुबह 10:45 बजे सेक्टर-18 स्थित निर्वाचन विभाग कार्यालय में प्रेस वार्ता करेंगी। इस बैठक में मतदान केंद्रों के पुनर्गठन और अगले चरण की तैयारियों की जानकारी दी जाएगी।


चंडीगढ़ प्रशासन का कहना है कि इस पूरे अभियान का उद्देश्य केवल सही और वास्तविक मतदाताओं के नाम सूची में रखना है। इससे चुनाव प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनेगी। सभी चंडीगढ़ वासियों से अनुरोध किया गया है कि 21 जुलाई के बाद अपनी मतदाता सूची अवश्य चेक करें। यदि नाम नहीं दिखे, तो तुरंत दावा करें, ताकि कोई भी सही मतदाता वोट देने से वंचित न रहे।