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चंडीगढ़ में साइबर ठगी का नया मामला: डॉक्टर बनकर ठगने वाले ने युवती से लाखों रुपये लिए

चंडीगढ़ में एक युवती के साथ साइबर ठगी का एक नया मामला सामने आया है, जिसमें एक व्यक्ति ने खुद को ब्रिटेन में रहने वाला डॉक्टर बताकर लाखों रुपये ठग लिए। ठग ने पहले दोस्ती की, फिर शादी का सपना दिखाया और विभिन्न बहानों से पैसे मांगता रहा। जब युवती को ठगी का एहसास हुआ, तब तक वह लाखों रुपये गंवा चुकी थी। पुलिस अब इस मामले की डिजिटल जांच कर रही है।
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साइबर अपराध का नया मामला


चंडीगढ़ में एक और साइबर ठगी का मामला सामने आया है, जिसमें सोशल मीडिया पर दोस्ती के बाद ठगी की गई। एक व्यक्ति, जिसने खुद को ब्रिटेन में डॉक्टर बताया, ने पहले युवती का विश्वास जीता और फिर शादी का सपना दिखाकर उसे लाखों रुपये ठग लिए। अब पुलिस इस मामले की डिजिटल जांच कर रही है।


दोस्ती से शुरू हुआ धोखाधड़ी का सिलसिला

पीड़िता ने पुलिस को बताया कि वह स्नैपचैट का नियमित उपयोग कर रही थी। मई 2026 में, उसे दिवेकर पाठक नामक एक आईडी से फ्रेंड रिक्वेस्ट मिली। कुछ दिनों की बातचीत के बाद, उनका संपर्क व्हाट्सएप पर बढ़ गया। आरोपी ने खुद को पुणे का निवासी और ब्रिटेन में रहने वाला डॉक्टर बताते हुए शादी की इच्छा व्यक्त की।


फर्जी दस्तावेजों से विश्वास जीतना

आरोपी ने विश्वास बढ़ाने के लिए कथित ब्रिटिश पासपोर्ट, लंदन से मुंबई की फ्लाइट टिकट और अन्य दस्तावेज भेजे। उसने दावा किया कि वह भारत आने वाला है। अगले दिन, एक महिला ने खुद को एयरपोर्ट कस्टम अधिकारी बताते हुए फोन किया और विदेशी मुद्रा रिलीज कराने के नाम पर पहले भुगतान की मांग की।


नए बहाने से पैसे मांगना

पहला भुगतान मिलने के बाद, ठग ने लगातार नए बहाने गिनाए। कभी करेंसी सर्टिफिकेट, कभी टैक्स, तो कभी कस्टम क्लियरेंस के नाम पर पैसे मांगे गए। युवती ने भरोसा करते हुए लगभग 7.23 लाख रुपये चार अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए।


संदेह होने पर खुली सच्चाई

जब ठगों ने अंतिम बार दो लाख रुपये मांगे और भुगतान नहीं करने पर डॉक्टर को डिपोर्ट करने की धमकी दी, तब युवती को संदेह हुआ। उसने कथित डॉक्टर से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उसका फोन बंद था और व्हाट्सएप पर भी उसे ब्लॉक कर दिया गया था। तभी उसे ठगी का एहसास हुआ।


पुलिस की डिजिटल जांच

साइबर थाना सेक्टर-17 की पुलिस ने शिकायत दर्ज कर ली है और बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल ट्रेल की जांच शुरू कर दी है। जांच में पता चला है कि रकम कई अलग-अलग खातों में भेजी गई थी। पुलिस अब संबंधित खाताधारकों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर पूरे नेटवर्क तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।