चंडीगढ़ में सीरियल किलर मोनू कुमार को मिली उम्रकैद की सजा
सीरियल किलर मोनू कुमार की सजा
चंडीगढ़: जिला अदालत ने सीरियल किलर मोनू कुमार को एक और बलात्कार और हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई है। यह उसके खिलाफ तीसरा मामला है, जिसमें अदालत ने उसे दोषी ठहराया है। यह मामला फरवरी 2024 में 60 वर्षीय महिला की हत्या से संबंधित है। पुलिस जांच के दौरान मिले वैज्ञानिक सबूतों ने मोनू को पुराने मामलों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इससे पहले भी उसे दो मामलों में उम्रकैद की सजा मिल चुकी है।
फरवरी 2024 में चंडीगढ़ के मलोया वन क्षेत्र में 60 वर्षीय महिला का शव बरामद हुआ था। जांच में पता चला कि महिला के साथ दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या की गई थी। पुलिस ने मामले की जांच के दौरान कई संदिग्धों के डीएनए नमूने लिए। इसी प्रक्रिया में मोनू का डीएनए पुराने सुरक्षित नमूनों से मेल खा गया, जिससे पुलिस उसे पकड़ने में सफल रही।
पुराने मामले का खुलासा
2010 की हत्या से जुड़ा मामला
मोनू का डीएनए 2010 में सेक्टर-38 के पास मारी गई 21 वर्षीय MBA छात्रा के मामले में सुरक्षित किए गए नमूनों से मिला था। छात्रा के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या की गई थी। लगभग 14 वर्षों तक आरोपी की पहचान नहीं हो सकी थी। पुलिस ने बाद में अदालत में अनट्रेस रिपोर्ट पेश की, लेकिन जांच से जुड़े महत्वपूर्ण सबूत सुरक्षित रखे गए थे। इसी पुराने नमूने ने केस को फिर से आगे बढ़ाया।
2022 में एक और हत्या
मलोया में महिला की हत्या
पुलिस पूछताछ में मोनू ने 2022 में मलोया की 40 वर्षीय महिला की हत्या की बात भी स्वीकार की थी। महिला 11 जनवरी 2022 की रात बाजार जाने के लिए निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। अगले दिन उसका शव घर से कुछ दूरी पर मिला। इस मामले में लंबे समय तक हत्यारे की पहचान नहीं हो सकी थी। बाद में पुलिस की जांच मोनू तक पहुंची और मामला आगे बढ़ा।
पुराने मामले में बरी
2008 का मामला
मोनू के खिलाफ पहला मामला 2008 में हिमाचल प्रदेश के चंबा क्षेत्र में सामने आया था। उस समय 20 वर्षीय मोनू पर एक युवती के अपहरण, दुष्कर्म और हत्या का आरोप लगा था। खैरी थाने में अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था। बाद में मोनू को गिरफ्तार किया गया, लेकिन पर्याप्त ठोस सबूत नहीं मिलने पर करीब 18 महीने चले ट्रायल के बाद वह बरी हो गया।
पहले से मिली सजा
दूसरे मामलों में सजा
मोनू को 2010 की MBA छात्रा की हत्या के मामले में 28 नवंबर 2025 को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। वहीं, 40 वर्षीय महिला की हत्या के मामले में अगस्त 2026 में अदालत ने उसे उम्रकैद और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा दी। अब 60 वर्षीय महिला से जुड़े मामले में भी उसे उम्रकैद मिली है। पुलिस के अनुसार, मोनू पहचान छिपाकर रहता था और इंटरसिटी टैक्सी चलाते हुए अपना ठिकाना बदलता रहता था। मई 2024 में उसकी गिरफ्तारी हुई थी.
