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चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड की महत्वपूर्ण बैठक: सेक्टर-53 योजना पर निर्णय

चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड की आगामी बैठक में सेक्टर-53 की 2018 की जनरल हाउसिंग स्कीम को बंद करने का निर्णय लिया जा सकता है। इस योजना में कम आवेदनों के कारण बोर्ड को कई समस्याओं का सामना करना पड़ा है। इसके अलावा, सेक्टर-51 के फ्लैट मालिकों को राहत देने पर भी चर्चा की जाएगी। जानें इस महत्वपूर्ण बैठक के संभावित निर्णयों के बारे में।
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चंडीगढ़ में हाउसिंग बोर्ड की बैठक का महत्व


चंडीगढ़: चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के निदेशकों की बैठक कल शहर के निवासियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हो सकती है। इस बैठक में सेक्टर-53 की 2018 की जनरल हाउसिंग स्कीम को औपचारिक रूप से समाप्त करने का निर्णय लिया जा सकता है। इसके साथ ही, सेक्टर-51 के फ्लैट मालिकों को राहत देने पर भी चर्चा की जा सकती है।


बैठक में क्या होगा?

सूत्रों के अनुसार, संशोधित मास्टर प्लान-2031 को अभी तक अंतिम स्वीकृति नहीं मिली है। इस कारण सेक्टर-53 की परियोजना को आगे बढ़ाना कठिन हो गया है। बोर्ड इस योजना को पूरी तरह से बंद करने या अगले आदेश तक रोकने का विकल्प चुन सकता है।


सेक्टर-53 योजना पर विराम का कारण

इस योजना की शुरुआत 2018 में हुई थी, जिसमें सेक्टर-53 में 492 प्लॉट विकसित करने की योजना थी। यह एक किफायती आवासीय परियोजना थी, जिसमें आम जनता को प्लॉट आवंटित किए जाने थे। बोर्ड ने योजना को सफल बनाने के लिए तीन बार डिमांड सर्वे भी आयोजित किए, लेकिन आवेदनों की संख्या अपेक्षा से बहुत कम रही। कई आवेदकों ने आवेदन के लिए पैसे जमा किए, लेकिन अपेक्षित प्रतिक्रिया न मिलने पर बोर्ड को उनकी जमा राशि वापस करनी पड़ी।


योजना से संबंधित औपचारिकताओं पर बोर्ड को लाखों रुपये खर्च करने पड़े। अब जब मास्टर प्लान की मंजूरी में देरी हो रही है, तो बोर्ड इस परियोजना को बंद करने का निर्णय ले सकता है। इससे बोर्ड के संसाधनों की बचत होगी और नई योजनाओं पर ध्यान केंद्रित किया जा सकेगा।


सेक्टर-51 के फ्लैट मालिकों के लिए राहत

सेक्टर-51 के सेल्फ फाइनेंस स्कीम के फ्लैट मालिकों को राहत देने पर भी बैठक में चर्चा होने की संभावना है। कई फ्लैट मालिक लंबे समय से कुछ समस्याओं का सामना कर रहे हैं। बोर्ड इन मुद्दों को हल करने के लिए सकारात्मक निर्णय ले सकता है।