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चीन में ताबूत से आई आवाज ने सबको चौंका दिया

चीन के हेबेई प्रांत में एक बुजुर्ग महिला को मृत मानकर ताबूत में बंद कर दिया गया था, लेकिन अगले दिन ताबूत से अजीब आवाजें सुनाई दीं। जब परिवार ने ताबूत खोला, तो पाया कि महिला जिंदा थी। चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि बिना जांच किसी को मृत मानना खतरनाक हो सकता है। यह घटना सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है।
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चौंकाने वाली घटना: ताबूत में जिंदा महिला

बीजिंग: अंतिम संस्कार की तैयारियों के बीच एक अजीब घटना ने सबको हैरान कर दिया। चीन के हेबेई प्रांत से आई इस घटना में एक बुजुर्ग महिला को मृत मानकर ताबूत में बंद कर दिया गया था। लेकिन अगले दिन ताबूत के भीतर से अजीब आवाजें सुनाई देने लगीं। जब परिवार के लोग ताबूत का ढक्कन खोले, तो पाया कि महिला जिंदा थी और उसकी सांसें चल रही थीं।


अंतिम संस्कार की तैयारियों के बीच आई आवाज

जानकारी के अनुसार, बुजुर्ग महिला की तबीयत काफी खराब थी और परिवार ने उसे मृत समझ लिया। स्थानीय परंपरा के अनुसार, उसे लकड़ी के ताबूत में रखा गया। अगले दिन जब परिवार के सदस्य ताबूत के पास थे, तभी उन्हें अंदर से धीमी आवाज सुनाई दी। पहले तो किसी को विश्वास नहीं हुआ, लेकिन जब फिर से खटखटाने की आवाज आई, तो परिजनों ने ताबूत खोलने का निर्णय लिया।


ताबूत खोलने पर सबके उड़े होश

जैसे ही ताबूत का ढक्कन हटाया गया, वहां मौजूद सभी लोग हैरान रह गए। जिस महिला को मृत मानकर अंतिम विदाई दी जा रही थी, वह होश में थी। यह देखकर परिवार खुशी और आश्चर्य से भर गया। उन्होंने तुरंत महिला को बाहर निकाला और चिकित्सा सहायता प्रदान की।


चिकित्सकों की सलाह: बिना जांच किसी को मृत मानना खतरनाक

चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार गंभीर बीमारियों या कोमा की स्थिति में मरीज की सांस और दिल की धड़कन इतनी धीमी हो जाती है कि वह मृत प्रतीत होता है। इसे चिकित्सकीय भाषा में 'सस्पेंडेड एनिमेशन' कहा जाता है। इसलिए, बिना किसी योग्य डॉक्टर की जांच के किसी को मृत मान लेना बेहद जोखिम भरा हो सकता है। यह घटना इस समय इंटरनेट पर चर्चा का विषय बनी हुई है।