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जगन्नाथ रथ यात्रा 2026: पुरी में सुदर्शन पटनायक की अद्भुत रेत की मूर्ति

जगन्नाथ रथ यात्रा 2026 का आयोजन आज से पुरी में शुरू हो रहा है, जहां सुदर्शन पटनायक ने भगवान जगन्नाथ को समर्पित एक भव्य रेत की मूर्ति बनाई है। इस कलाकृति में 100 छोटे रथ शामिल हैं, जो रथ यात्रा की भव्यता का प्रतीक हैं। यह उत्सव न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि समानता और भाईचारे का भी संदेश देता है। जानें इस अद्भुत रचना के बारे में और कैसे यह श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित कर रही है।
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जगन्नाथ रथ यात्रा का आगाज़


आज से जगन्नाथ रथ यात्रा 2026 का आयोजन शुरू हो रहा है। इस खास मौके पर ओडिशा के पुरी में श्रद्धा, भक्ति और कला का अद्भुत मेल देखने को मिल रहा है। प्रसिद्ध सैंड आर्टिस्ट और पद्म श्री पुरस्कार विजेता सुदर्शन पटनायक ने पुरी समुद्र तट पर भगवान जगन्नाथ को समर्पित एक भव्य रेत की मूर्ति बनाई है।


रेत की मूर्ति का आकर्षण

रथ यात्रा से पहले ही यह रेत की कलाकृति श्रद्धालुओं और पर्यटकों के बीच आकर्षण का केंद्र बन गई है। बड़ी संख्या में लोग इस कलाकृति को देखने और इसके साथ तस्वीरें खींचने के लिए पुरी समुद्र तट पर पहुंच रहे हैं।


100 छोटे रथों के साथ अनोखी रचना

सुदर्शन पटनायक की इस कलाकृति में भगवान जगन्नाथ का मनमोहक स्वरूप उकेरा गया है। इसके चारों ओर रेत से बने 100 छोटे रथ तैयार किए गए हैं, जो विश्व प्रसिद्ध रथ यात्रा की भव्यता का प्रतीक हैं। मूर्ति को रंगों और बारीक कलात्मक शैली से सजाया गया है, जिससे यह और भी आकर्षक नजर आ रही है। मूर्ति निर्माण के दौरान भी बड़ी संख्या में लोग पुरी समुद्र तट पर पहुंचे और कलाकार की इस अनूठी रचना को आकार लेते हुए देखा। श्रद्धालुओं ने इसे भगवान जगन्नाथ के प्रति समर्पण और भक्ति की अद्भुत अभिव्यक्ति बताया।


रथ यात्रा का संदेश


जगन्नाथ रथ यात्रा भारत के सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक उत्सवों में से एक मानी जाती है। इस दौरान भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा को भव्य लकड़ी के रथों में विराजमान कर श्री जगन्नाथ मंदिर से गुंडिचा मंदिर तक ले जाया जाता है। लाखों श्रद्धालु इस यात्रा में शामिल होकर रथ खींचने का सौभाग्य प्राप्त करते हैं। यह पर्व केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं है, बल्कि समानता, भाईचारे और समावेशी संस्कृति का भी संदेश देता है।


सुदर्शन पटनायक की पहचान

मान्यता है कि इस अवसर पर भगवान स्वयं मंदिर से बाहर निकलकर सभी भक्तों को बिना किसी भेदभाव के दर्शन और आशीर्वाद देते हैं। सुदर्शन पटनायक लंबे समय से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी रेत की मूर्तियों के लिए पहचान बना चुके हैं। पर्यावरण संरक्षण, खेल, सामाजिक जागरूकता और धार्मिक आयोजनों जैसे अनेक विषयों पर उनकी कलाकृतियां चर्चा का विषय रही हैं। हर वर्ष जगन्नाथ रथ यात्रा के अवसर पर पुरी समुद्र तट पर उनकी बनाई रेत की मूर्तियां लोगों का ध्यान आकर्षित करती हैं। इस वर्ष भी उनकी नई रचना उत्सव की तैयारियों का प्रमुख आकर्षण बन गई है।