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जलालाबाद विधानसभा क्षेत्र में 2027 चुनाव की तैयारियां तेज

जलालाबाद विधानसभा क्षेत्र में 2027 के चुनावों की तैयारियाँ तेज हो गई हैं। सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के नेता सक्रिय हो गए हैं, और जनता की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता बन गया है। इस क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं की कमी, जैसे सीवरेज और पेयजल, चुनावी मुद्दे बन सकते हैं। जानें किस तरह से राजनीतिक दल विकास के दावे कर रहे हैं और पिछले चुनावों के परिणामों ने किस तरह की तस्वीर पेश की है।
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जलालाबाद विधानसभा चुनाव की राजनीतिक गतिविधियाँ


जलालाबाद विधानसभा चुनाव: फिरोजपुर जिले के जलालाबाद क्षेत्र में 2027 के चुनावों को लेकर राजनीतिक गतिविधियाँ बढ़ गई हैं। आम आदमी पार्टी, कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल और भाजपा के नेता सक्रिय हो गए हैं। सभी दल एक प्रभावी उम्मीदवार की खोज में जुटे हैं और जनता से संपर्क बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं।


जलालाबाद में चुनावी तैयारियों का जोर

इस क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं की कमी एक प्रमुख मुद्दा बन गई है। सीवरेज व्यवस्था की खराब स्थिति के कारण कई गलियों में गंदा पानी जमा रहता है। इसके अलावा, शुद्ध पेयजल की भी भारी कमी है। लोग इन समस्याओं से परेशान हैं और नए विधायक से समाधान की उम्मीद कर रहे हैं।


राजनीतिक दलों के बीच विकास और समस्याओं पर बहस

आम आदमी पार्टी के मौजूदा विधायक जगदीप कंबोज गोल्डी विकास कार्यों को पूरा करने पर जोर दे रहे हैं। पार्टी में मोहिंदर सिंह कचुरा भी टिकट के दावेदार माने जा रहे हैं। शिरोमणि अकाली दल की ओर से सतिंदरजीत सिंह मंटा और डॉक्टर राज सिंह डिबीपुरा प्रमुख नाम हैं। कांग्रेस में पूर्व विधायक रमिंदर सिंह आवला, पूर्व मंत्री हंसराज जोसन और राज बख्श कंबोज चर्चा में हैं। भाजपा की तरफ से जिला अध्यक्ष सुखजिंदर सिंह काका कंबोज और पूरन सिंह मुजेदिया भी दावेदारों में शामिल हैं.


पिछले चुनावों का राजनीतिक परिदृश्य

पिछले चुनावों के परिणाम इस क्षेत्र की राजनीतिक तस्वीर को स्पष्ट करते हैं। 2022 में, जगदीप कंबोज गोल्डी ने 91,455 वोट प्राप्त कर जीत हासिल की थी, जिसमें उन्हें 52.95 प्रतिशत वोट मिले थे। उन्होंने शिरोमणि अकाली दल के सुखबीर सिंह बादल को लगभग 31,000 वोटों के अंतर से हराया था। 2017 में सुखबीर सिंह बादल ने आम आदमी पार्टी के भगवंत मान को 18,500 वोटों के अंतर से पराजित किया था। 2012 में भी बादल ने बड़ी जीत दर्ज की थी.


चुनाव में संभावित मुकाबला

चारों पार्टियों के बीच कड़ा मुकाबला होने की संभावना है। नेता विकास के दावे कर रहे हैं, लेकिन जनता अपनी समस्याओं का समाधान चाहती है। जलालाबाद में सीवरेज, पानी और सड़कों जैसे मुद्दे चुनाव का केंद्र बन सकते हैं.