जातीय हिंसा में दलित युवक की मौत: हापुड़ में तनाव बढ़ा
हापुड़ में जातीय संघर्ष का मामला
हापुड़-बदनोली गोलीबारी की घटना: उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले के बदनोली गांव में जातीय हिंसा के चलते एक युवक की जान चली गई। जाट और दलित समुदाय के बीच हुए विवाद में तीन लोग घायल हुए। घायल दलित युवक दीपक की मेरठ मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान मृत्यु हो गई, जिससे दलित समुदाय में भारी आक्रोश फैल गया है। बसपा प्रमुख मायावती और नगीना के सांसद चंद्रशेखर आजाद ने इस घटना पर प्रतिक्रिया दी है और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
बसपा प्रमुख मायावती ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, 'हापुड़ के थाना हापुर नगर में दो समुदायों के बीच हुई झड़प में घायल दलित युवक की मौत अत्यंत दुखद है। सरकार को आरोपियों को सजा देने के साथ-साथ पीड़ित परिवार की सहायता भी करनी चाहिए। आपसी रंजिशों का खून-खराबे में बदलना निंदनीय है और इसे रोकने के लिए सरकारी हस्तक्षेप आवश्यक है।'
हापुड़ के थाना हापुर नगर में दो समुदायों के बीच हुई झड़प में घायल दलित युवक की मौत अत्यंत दुखद है। सरकार को आरोपियों को सजा देने के साथ-साथ पीड़ित परिवार की सहायता करनी चाहिए।
— Mayawati (@Mayawati) September 6, 2026
आजाद समाज पार्टी के नेता चंद्रशेखर ने भी इस घटना पर अपनी चिंता व्यक्त की। उन्होंने लिखा, 'बदनोली गांव में 4 सितंबर को पुरानी रंजिश के चलते दलितों के घरों पर पथराव और फायरिंग की गई, जिसमें एक महिला समेत तीन लोग गंभीर रूप से घायल हुए। दीपक की 5 सितंबर को मृत्यु हो गई। यह अत्यंत दुखद है कि पुलिस ने समय पर कार्रवाई नहीं की, जिससे एक परिवार को अपने बेटे की जान गंवानी पड़ी।'
बदनोली गांव में 4 सितंबर को पुरानी रंजिश के चलते दलितों के घरों में घुसकर पथराव और फायरिंग की गई। दीपक की 5 सितंबर को मृत्यु हो गई। यह अत्यंत दुखद है।
— Chandra Shekhar Aazad (@BhimArmyChief) September 6, 2026
नगीना के सांसद ने कहा, 'हम मृतक दीपक के परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएँ व्यक्त करते हैं। इस कठिन समय में भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी की टीम ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की और उन्हें समर्थन दिया।'
