जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन का नया रूप: एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं
जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास
पंजाब के ऐतिहासिक जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन का स्वरूप पूरी तरह बदल चुका है। लगभग 110 साल पुराना यह स्टेशन अब 125 करोड़ रुपये की लागत से पुनर्विकसित किया गया है। यात्रियों को अब एयरपोर्ट जैसी आधुनिक सुविधाओं का अनुभव मिलेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 जुलाई को इस नए स्टेशन का उद्घाटन करेंगे।
आधुनिक सुविधाओं से लैस स्टेशन
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन को अत्याधुनिक सुविधाओं से सजाया गया है। नए स्टेशन भवन का डिज़ाइन आकर्षक है और इसमें बेहतर यात्री सुविधाएं शामिल की गई हैं। रेलवे का उद्देश्य यात्रियों को सुरक्षित और विश्वस्तरीय अनुभव प्रदान करना है।
यात्रियों के लिए नई सुविधाएं
नए स्टेशन में यात्रियों के लिए वातानुकूलित प्रतीक्षालय, डिजिटल लॉकर, आधुनिक एस्केलेटर, लिफ्ट, लगेज स्कैनिंग मशीन, मेटल डिटेक्टर और महिलाओं के लिए अलग वेटिंग हॉल की व्यवस्था की गई है। नवजात बच्चों के लिए दूध पिलाने के लिए विशेष केबिन भी बनाए गए हैं। इसके साथ ही इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग की सुविधा भी उपलब्ध होगी।
डिजिटल लॉकर की सुविधा
स्टेशन पर शुरू की गई डिजिटल लॉकर सुविधा यात्रियों के लिए एक खास आकर्षण होगी। यात्री अपने मोबाइल नंबर से ओटीपी प्राप्त कर लॉकर को खोल और बंद कर सकेंगे, जिससे सफर के दौरान सामान सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी। प्रधानमंत्री के दौरे को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने प्लेटफॉर्म नंबर एक पर कुछ लिफ्ट, एस्केलेटर और शौचालयों को अस्थायी रूप से बंद रखा है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन पर लगभग 80 मिनट बिताएंगे। उनके दौरे को देखते हुए स्टेशन और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। विशेष सुरक्षा समूह और अन्य सुरक्षा एजेंसियां सादे कपड़ों में भी तैनात हैं। सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से पूरे परिसर की निगरानी की जा रही है।
ट्रेनों के संचालन में बदलाव
रेलवे अधिकारियों ने प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को ध्यान में रखते हुए कुछ ट्रेनों के संचालन में बदलाव की योजना बनाई है। आवश्यकता पड़ने पर कुछ रेलगाड़ियों को नकोदर और जालंधर सिटी स्टेशन के रास्ते चलाया जा सकता है। कुछ ट्रेनों के समय में भी अस्थायी बदलाव संभव है। यात्रियों को यात्रा से पहले रेलवे की आधिकारिक जानकारी अवश्य देखनी चाहिए।
