जालंधर में गर्मी का प्रकोप: तापमान 44.8 डिग्री तक पहुंचा
गर्मी का बढ़ता प्रकोप
पंजाब में गर्मी का असर लगातार बढ़ता जा रहा है, खासकर जालंधर में, जहां हालात बेहद गंभीर हो गए हैं। मंगलवार की सुबह से ही तेज धूप ने लोगों को परेशान कर दिया। सुबह साढ़े आठ बजे के बाद धूप की तीव्रता इतनी बढ़ गई कि दोपहर तक अधिकतम तापमान 44.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। रात का तापमान भी 28.6 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ गया, जिससे रात में भी लोगों को राहत नहीं मिली। दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच शहर के प्रमुख बाजारों और गलियों में सन्नाटा छा गया। गर्म हवाओं और चिलचिलाती धूप के कारण लोग घरों में रहने को मजबूर हो गए, जिससे कई इलाकों में सामान्य दिनों की तुलना में आवाजाही काफी कम रही।
मौसम विभाग का नया अलर्ट
मौसम विभाग ने जालंधर और उसके आस-पास के क्षेत्रों के लिए एक नया अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार, 10 जून को तापमान 45 से 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। यह स्थिति लोगों के स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है, इसलिए सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। हालांकि, मौसम विभाग ने यह भी बताया है कि 11 जून से अगले तीन दिनों तक आंशिक रूप से बादल छा सकते हैं और कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश की संभावना है। यदि बारिश होती है, तो तापमान में 5 से 8 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है, जिससे लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
पिछले वर्षों की तुलना में गर्मी का बढ़ता असर
जालंधर में पिछले कई वर्षों से जून के पहले दिनों में तापमान लगातार 44 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया जा रहा है। वर्ष 2024 में तापमान 46.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था, जो पिछले एक दशक का सबसे अधिक तापमान माना गया। वर्ष 2025 में भी शुरुआती दिनों में तापमान 44.9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका था। विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ता प्रदूषण, वाहनों का धुआं, फैक्ट्रियों से निकलने वाला उत्सर्जन और खुले में कचरा जलाने जैसी गतिविधियां भी तापमान बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह
स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉक्टर कपिल गुप्ता के अनुसार, लगातार बढ़ती गर्मी बच्चों और बुजुर्गों के लिए सबसे अधिक खतरनाक साबित हो सकती है। उन्होंने लोगों को सलाह दी है कि वे दोपहर के समय धूप में बाहर निकलने से बचें। यदि आवश्यक हो, तो छाता, टोपी या सिर ढकने वाले कपड़े का उपयोग करें और पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। जिन लोगों को हृदय, सांस या ब्लड प्रेशर से संबंधित समस्याएं हैं, उन्हें अपनी दवाएं साथ रखना चाहिए।
