टाटा ग्रुप में चेयरमैन नियुक्ति पर विवाद: एन. चंद्रशेखरन की पुनर्नियुक्ति को टाटा ट्रस्ट्स ने बताया अवैध
मुंबई में टाटा संस के चेयरमैन पद पर विवाद
मुंबई - टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी टाटा संस में चेयरमैन पद को लेकर एक बड़ा विवाद उत्पन्न हुआ है। टाटा संस के बोर्ड ने एन. चंद्रशेखरन को पांच साल के लिए फिर से चेयरमैन बनाए रखने का निर्णय लिया है, लेकिन इसके तुरंत बाद टाटा ट्रस्ट्स ने इस निर्णय को 'कानूनी रूप से अमान्य' करार दिया है। टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा ने इस प्रस्ताव के खिलाफ वोट दिया।
बोर्ड बैठक में चार डायरेक्टर्स का समर्थन, नोएल टाटा का विरोध
17 सितंबर को टाटा संस की बोर्ड बैठक में चंद्रशेखरन की पुनर्नियुक्ति का प्रस्ताव रखा गया। टाटा ट्रस्ट्स के अनुसार, इस प्रस्ताव के पक्ष में चार डायरेक्टर्स ने वोट दिया, जबकि ट्रस्ट के नॉमिनी डायरेक्टर नोएल टाटा ने इसका विरोध किया।
टाटा ट्रस्ट्स का कानूनी तर्क
टाटा ट्रस्ट्स का कहना है कि टाटा संस के Articles of Association के अनुसार, चेयरमैन की नियुक्ति या पुनर्नियुक्ति के लिए ट्रस्ट्स के नॉमिनी डायरेक्टर्स की सहमति आवश्यक है। इसी आधार पर ट्रस्ट्स ने बोर्ड के निर्णय को 'legal nullity' बताया है।
चंद्रशेखरन का पूर्व बयान
विवाद की एक महत्वपूर्ण कड़ी 12 अगस्त 2026 की है, जब एन. चंद्रशेखरन ने बोर्ड को सूचित किया था कि वह मौजूदा कार्यकाल खत्म होने के बाद पुनर्नियुक्ति के लिए उपलब्ध नहीं रहेंगे। ट्रस्ट्स का कहना है कि इस फैसले को स्वीकार कर लिया गया था और उत्तराधिकारी चुनने की प्रक्रिया शुरू करने की सलाह दी गई थी।
नोएल टाटा का कानूनी राय प्रस्तुत करना
टाटा ट्रस्ट्स के बयान के अनुसार, नोएल टाटा ने बोर्ड बैठक में भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस डी.वाई. चंद्रचूड़ से प्राप्त कानूनी राय भी प्रस्तुत की। ट्रस्ट्स का कहना है कि इस राय में उनके रुख को समर्थन मिलता है कि चेयरमैन की पुनर्नियुक्ति के लिए Articles of Association में निर्धारित प्रक्रिया का पालन जरूरी है।
टाटा संस का पक्ष
टाटा संस के बोर्ड का कहना है कि चंद्रशेखरन ने बोर्ड के अनुरोध पर अपने पहले के फैसले पर पुनर्विचार किया। इसके बाद बोर्ड ने बहुमत से पांच साल के एक और कार्यकाल के लिए उनकी पुनर्नियुक्ति को मंजूरी दी।
RBI की लिस्टिंग शर्त
चेयरमैन पद का विवाद ऐसे समय सामने आया है जब टाटा संस पर RBI के अपर-लेयर NBFC से जुड़े नियमों के तहत लिस्टिंग संबंधी अनुपालन का मुद्दा भी महत्वपूर्ण है। टाटा संस ने अब लागू RBI नियमों के अनुरूप आगे की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही है।
भविष्य की दिशा
फिलहाल, टाटा संस का बोर्ड चंद्रशेखरन को अगले पांच साल के लिए चेयरमैन बनाए रखने के पक्ष में है, जबकि टाटा ट्रस्ट्स इस निर्णय की वैधता पर सवाल उठा रहा है। ट्रस्ट्स ने उत्तराधिकारी चयन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की अपनी स्थिति दोहराई है।
