डॉ. सुभाष शर्मा ने बीबीएमबी अस्पताल नंगल के आधुनिकीकरण की मांग की
बीबीएमबी अस्पताल के विकास की आवश्यकता
चंडीगढ़/नंगल- भारतीय जनता पार्टी के पंजाब प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. सुभाष शर्मा ने भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) के अध्यक्ष को पत्र लिखकर नंगल स्थित बीबीएमबी अस्पताल के व्यापक आधुनिकीकरण और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की मांग की है। उन्होंने अस्पताल में ट्रॉमा सेंटर की स्थापना, विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति, और आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता पर जोर दिया। इसके साथ ही, आपातकालीन हृदय उपचार के लिए ऑटोमेटेड एक्सटर्नल डिफिब्रिलेटर (एईडी) की आवश्यकता भी बताई।
डॉ. शर्मा ने कहा कि नंगल का विकास भाखड़ा बांध परियोजना से जुड़ा हुआ है और बीबीएमबी अस्पताल ने वर्षों से न केवल बोर्ड के कर्मचारियों और उनके परिवारों, बल्कि पंजाब और हिमाचल प्रदेश के हजारों लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की हैं। हालांकि, समय के साथ अस्पताल में आधारभूत ढांचे की कमी और विशेषज्ञ चिकित्सकों की अनुपलब्धता के कारण मरीजों को सामान्य जांच और उपचार के लिए रोपड़, मोहाली और चंडीगढ़ जैसे शहरों का रुख करना पड़ता है। इससे आपातकालीन स्थितियों में समय की बर्बादी होती है, जो कई बार मरीजों की जान पर बन आती है।
उन्होंने अस्पताल के पूर्ण आधुनिकीकरण, कम से कम 15 बेड के अत्याधुनिक आईसीयू, और आधुनिक ऑपरेशन थिएटर की स्थापना की मांग की। इसके अलावा, ईसीजी, ईको, अल्ट्रासाउंड, और एमआरआई जैसे आधुनिक जांच उपकरणों की स्थापना और उनके संचालन के लिए प्रशिक्षित तकनीकी स्टाफ की नियुक्ति का भी आग्रह किया।
भाजपा नेता ने अस्पताल में लगभग 15 विशेषज्ञ चिकित्सकों की शीघ्र नियुक्ति की मांग की, जिसमें जनरल सर्जन, कार्डियोलॉजिस्ट, न्यूरोलॉजिस्ट, ऑर्थोपेडिक सर्जन, एनेस्थेटिस्ट और इमरजेंसी मेडिसिन विशेषज्ञ शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि नंगल व्यस्त राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित है, जहां सड़क दुर्घटनाएं अक्सर होती हैं, लेकिन क्षेत्र में समर्पित ट्रॉमा सेंटर का अभाव है। गंभीर रूप से घायल मरीजों को दूरस्थ अस्पतालों में भेजना पड़ता है, जिससे 'गोल्डन ऑवर' के दौरान उपचार में देरी होती है। ऐसे में आधुनिक ट्रॉमा सेंटर की स्थापना दुर्घटना पीड़ितों की जान बचाने में मददगार साबित होगी।
डॉ. शर्मा ने अस्पताल के आपातकालीन विभाग में तत्काल ऑटोमेटेड एक्सटर्नल डिफिब्रिलेटर (एईडी) लगाने की भी मांग की। उन्होंने बताया कि लगभग डेढ़ लाख रुपये की लागत वाला यह उपकरण हृदयाघात के मरीजों की जान बचाने में अत्यंत प्रभावी हो सकता है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यदि बीबीएमबी अस्पताल में समय पर आधुनिक सुविधाएं, विशेषज्ञ चिकित्सक और अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराए जाएं, तो यह अस्पताल क्षेत्र के लाखों लोगों के लिए उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाओं का प्रमुख केंद्र बन सकता है। उन्होंने जनहित को ध्यान में रखते हुए इन मांगों पर प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र कार्रवाई करने का आग्रह किया।
