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तेजस्वी यादव को राजभवन मार्च के दौरान पुलिस ने हिरासत में लिया

बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को राजभवन मार्च के दौरान पुलिस ने हिरासत में लिया। यह प्रदर्शन नीट प्रश्न पत्र लीक और सीवान में छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के खिलाफ था। तेजस्वी यादव ने इसे लोकतंत्र का दमन बताया और छात्रों के अधिकारों की रक्षा की मांग की। आरजेडी ने इस घटना के खिलाफ बड़ा आंदोलन शुरू किया है।
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राजभवन मार्च में तेजस्वी यादव की गिरफ्तारी


पटना: बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को बुधवार को राजभवन मार्च के दौरान पुलिस ने हिरासत में लिया। यह विरोध प्रदर्शन राष्ट्रीय जनता दल द्वारा आयोजित किया गया था, जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) प्रश्न पत्र लीक मामले और सीवान में छात्रों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई के खिलाफ आवाज उठाना था।


मार्च की शुरुआत और प्रदर्शन का उद्देश्य

यह मार्च पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान स्थित जेपी गोलंबर से शुरू हुआ, जहां तेजस्वी यादव ने खुद इसका नेतृत्व किया। उनके साथ पार्टी के वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल थे। प्रदर्शनकारियों का लक्ष्य राजभवन पहुंचकर राज्यपाल से मिलना और अपनी मांगें प्रस्तुत करना था।




पुलिस कार्रवाई और आरजेडी का आरोप

आरजेडी का आरोप है कि पिछले महीने सीवान में नीट से संबंधित प्रदर्शन के दौरान एक पुलिस कांस्टेबल ने छात्रों पर एके-47 से गोलीबारी की। पार्टी इसे अत्यधिक बल प्रयोग मानती है। इस घटना के विरोध में आरजेडी ने राजधानी में बड़ा आंदोलन शुरू किया। प्रशासन ने सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए थे, और भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। जब जुलूस राजभवन की ओर बढ़ रहा था, तो पुलिस ने तेजस्वी यादव और कई अन्य नेताओं को रोककर हिरासत में ले लिया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने इस कार्रवाई का विरोध किया।


बीजेपी कार्यालय के बाहर भी आरजेडी के कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि वह छात्रों के मुद्दे पर चुप है और विरोध को दबाने की कोशिश कर रही है। कार्यकर्ताओं के नारे न्याय की मांग और पुलिस कार्रवाई की निंदा कर रहे थे।




तेजस्वी यादव का बयान

तेजस्वी यादव ने हिरासत में लिए जाने से पहले कहा कि यह लोकतंत्र का दमन है। उन्होंने छात्रों के अधिकारों की रक्षा करने और निष्पक्ष जांच की मांग की। आरजेडी का कहना है कि नीट लीक मामले में दोषियों को सजा मिलनी चाहिए और सीवान घटना की स्वतंत्र जांच होनी चाहिए।