Newzfatafatlogo

त्योहारी सीजन में हवाई किराए पर नहीं होगी कैपिंग: उड्डयन मंत्री

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राम मोहन नायडू ने स्पष्ट किया है कि त्योहारी सीजन में हवाई किराए पर कोई कैपिंग नहीं होगी। उन्होंने बताया कि बढ़ती मांग के बीच टिकटों की कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए सरकार एयरलाइंस कंपनियों के साथ बातचीत कर रही है। इसके अलावा, उन्होंने ईंधन की कीमतों में वृद्धि और उड़ान योजना के विस्तार के बारे में भी जानकारी दी। जानें इस महत्वपूर्ण विषय पर और क्या कहा गया है।
 | 

त्योहारी यात्रा के लिए हवाई किराए में कोई कैपिंग नहीं

नई दिल्ली: यदि आप त्योहारी सीजन में हवाई यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो आपको किराए में सरकारी कैपिंग की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राम मोहन नायडू ने स्पष्ट किया है कि त्योहारी भीड़ के बावजूद सरकार हवाई किराए की ऊपरी सीमा निर्धारित करने का कोई इरादा नहीं रखती। हालांकि, उन्होंने आश्वासन दिया कि बढ़ती मांग के बीच टिकटों की कीमतों को उचित बनाए रखने के लिए सरकार एयरलाइंस कंपनियों के साथ लगातार संवाद कर रही है, ताकि यात्रियों पर अचानक महंगे किराए का बोझ न पड़े।


ईंधन की कीमतों का किराए पर प्रभाव

किराए में 40-43% हिस्सा ईंधन का
नागरिक उड्डयन मंत्री ने बताया कि हवाई किराए में वृद्धि केवल त्योहारों की मांग से नहीं जुड़ी है, बल्कि इसके पीछे वैश्विक कारण भी हैं। पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के कारण एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, जिससे एयरलाइंस की परिचालन लागत में भारी इजाफा हुआ है। उन्होंने कहा कि कुल हवाई किराए में 40 से 43 प्रतिशत हिस्सा अकेले एटीएफ का होता है। ऐसे में ईंधन की कीमतों में हल्की सी बढ़ोतरी का भी टिकट दरों पर सीधा असर पड़ता है।


सरकार का प्राइस स्टेबिलाइजेशन फंड

केंद्र सरकार ने विमानन कंपनियों को राहत देने के लिए इस साल जून में 10,000 करोड़ रुपये के प्राइस स्टेबिलाइजेशन फंड को मंजूरी दी थी। इसका उद्देश्य सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों के माध्यम से अगले तीन वर्षों में घरेलू एयरलाइंस के लिए ईंधन की कीमतों में स्थिरता बनाए रखना है।


उड़ान योजना का विस्तार

‘उड़ान’ योजना अगले 10 साल के लिए बढ़ी
केंद्रीय मंत्री ने क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना ‘उड़ान’ (UDAN – उड़े देश का आम नागरिक) के अगले चरण के समझौतों पर हस्ताक्षर के दौरान यह बातें कहीं। इस महत्वाकांक्षी योजना को अगले एक दशक के लिए बढ़ा दिया गया है। नए चरण के तहत सरकार अगले 10 वर्षों में लगभग 30,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी, जिससे कुल आर्थिक प्रभाव लगभग 60,000 करोड़ रुपये होगा। इस विस्तार के तहत 100 नए एयरपोर्ट और 200 हेलीपोर्ट विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।


एयरपोर्ट निर्माण में तेजी लाने की योजना

18 महीने में तैयार होंगे एयरपोर्ट
सरकार ने एयरपोर्ट निर्माण के लिए ‘चैलेंज मोड’ की शुरुआत की है। प्राथमिकता वाले प्रोजेक्ट्स को फास्ट-ट्रैक किया जाएगा, और निर्माण पूरा करने के लिए 18 महीने की सख्त समयसीमा तय की गई है। अब तक 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय के साथ सहमति पत्रों पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। पिछले एक दशक में उड़ान योजना के तहत 80 से अधिक हवाई अड्डों को चालू कर लगभग 1.54 करोड़ यात्रियों को किफायती हवाई सफर की सुविधा दी गई है।