दक्षिणी फिलीपींस में भूकंप: वेनेजुएला में तबाही के बाद नया झटका
दक्षिणी फिलीपींस में हाल ही में 6.7 तीव्रता का भूकंप आया, जो वेनेजुएला में आए भूकंप के एक दिन बाद हुआ। इस भूकंप के साथ भूस्खलन और मिट्टी धंसने की घटनाओं की आशंका है। जानें भूकंप ‘डबलेट’ के बारे में, जो एक विशेष प्रकार का भूकंप है जिसमें समान तीव्रता के झटके कम समय में महसूस होते हैं। इस लेख में भूकंपों की उत्पत्ति और भ्रंशों के बारे में भी जानकारी दी गई है।
| Jun 26, 2026, 18:07 IST
दक्षिणी फिलीपींस में भूकंप की घटना
यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे के अनुसार, वेनेजुएला में भूकंप से सैकड़ों लोगों की जान जाने के एक दिन बाद, शुक्रवार को दक्षिणी फिलीपींस में 6.7 तीव्रता का भूकंप आया। जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज (GFZ) ने बताया कि यह भूकंप फिलीपींस के मिंडानाओ द्वीप पर 29 किलोमीटर (18.02 मील) की गहराई में आया। तेज झटकों के साथ-साथ, पूरे क्षेत्र में भूस्खलन और मिट्टी धंसने की घटनाओं की भी आशंका है। यह भूकंप एक पर्वतीय क्षेत्र में आया, जहां पहाड़ी ढलानों से अक्सर मिट्टी या चट्टानें खिसकती रहती हैं। कराकास के नीचे मौजूद तलछट की संरचना भूकंपीय तरंगों को और अधिक तीव्र बना देती है, जिससे भूकंप से होने वाला नुकसान बढ़ जाता है। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (यूएसजीएस) के अनुसार, वेनेजुएला में एक के बाद एक भूकंप आए थे। पहले झटके की तीव्रता 7.2 थी, जबकि 39 सेकंड बाद आए दूसरे भूकंप की तीव्रता 7.5 रही। क्या होता है भूकंप ‘डबलेट’?
भूकंप ‘डबलेट’ की विशेषताएँ
‘डबलेट’ भूकंप एक ऐसा प्रकार है, जिसमें कम समय के अंतराल पर भूकंप की विभिन्न तीव्रता के झटके महसूस होते हैं और दूसरा भूकंप पहले प्रभावित स्थान के निकट आता है। सामान्य भूकंप में एक बड़े भूकंप के बाद हल्के झटके आते हैं, जबकि ‘डबलेट’ में लगभग समान तीव्रता वाले दो भूकंप एक के बाद एक आते हैं। ये भूकंप आपस में जुड़े होते हैं, लेकिन भूकंप विज्ञान की दृष्टि से अलग माने जाते हैं। इसका मतलब है कि दोनों भूकंपों से उत्पन्न भूकंपीय तरंगों के बीच समय का अंतर होता है या वे अलग-अलग स्रोतों से उत्पन्न होती हैं। वेनेजुएला में आए भूकंपों के केंद्र एक-दूसरे से केवल कुछ किलोमीटर की दूरी पर थे, लेकिन अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के अनुसार, उनकी उत्पत्ति अलग-अलग भ्रंशों से हुई थी।
भूकंपों की उत्पत्ति और भ्रंश
यह इस क्षेत्र में सक्रिय भ्रंशों के पहले से तैयार मानचित्रों के अनुरूप है। इन मानचित्रों में चट्टानें पूर्व-पश्चिम दिशा में समानांतर खिसकती हैं और इनके साथ विभिन्न दिशाओं में फैले छोटे-छोटे भ्रंशों के समूह जुड़े होते हैं। आशंका है कि पहले भूकंप ने ही दूसरे भूकंप को उत्पन्न किया हो। ऐसा इसलिए हो सकता है क्योंकि पहले भूकंप के दौरान पृथ्वी की ऊपरी सतह में हुए विस्थापन ने दूसरे भूकंप के स्रोत भ्रंश पर दबाव बढ़ा दिया हो। भ्रंश का अर्थ पृथ्वी की पपड़ी या चट्टानों में पड़ने वाली दरार है, जहां दबाव या खिंचाव के कारण चट्टानी खंड अपनी जगह से टूटकर ऊपर-नीचे या आगे-पीछे खिसक जाते हैं। इसके अलावा, पहले भूकंप से उत्पन्न भूकंपीय तरंगों के गुजरने से आसपास के पहले से ही टूटने की स्थिति में मौजूद भ्रंश सक्रिय हो गए हों और उनके टूटने से दूसरा भूकंप आया हो। ‘डबलेट’ भूकंप अपेक्षाकृत दुर्लभ होते हैं, लेकिन ऐसे मामले सामने आते रहे हैं।
