दिल्ली के पार्कों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल: DDA ने किया ऑडिट
पार्कों की सुरक्षा व्यवस्था पर चिंता
नई दिल्ली। हाल ही में आस्था कुंज पार्क में एक 17 वर्षीय लड़की के साथ हुई गैंगरेप की घटना ने दिल्ली के पार्कों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इसके बाद, दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने अपने अधीन आने वाले सभी 736 पार्कों का सुरक्षा ऑडिट पूरा किया है। इस ऑडिट में कई पार्कों में सुरक्षा से संबंधित गंभीर कमियां उजागर हुई हैं।
हाई रिस्क पार्कों की पहचान
190 पार्क हाई रिस्क श्रेणी में
DDA के ऑडिट के अनुसार, 736 पार्कों में से 190 को हाई रिस्क, 258 को मीडियम रिस्क और 288 को लो रिस्क श्रेणी में वर्गीकृत किया गया है। सुरक्षा को मजबूत करने के लिए सबसे पहले इन 190 हाई रिस्क पार्कों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
अतिरिक्त रोशनी की आवश्यकता
520 पार्कों में लाइटिंग की कमी
ऑडिट में यह भी सामने आया कि 520 पार्कों में अतिरिक्त रोशनी की आवश्यकता है। प्राथमिकता के आधार पर, 231 पार्कों में लाइटिंग का कार्य चल रहा है। DDA के अनुसार, 106 पार्कों में लाइटिंग से संबंधित कार्य पूरा हो चुका है।
CCTV निगरानी की कमी
736 में केवल 16 पार्कों में CCTV
CCTV निगरानी व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है, क्योंकि DDA के 736 पार्कों में से केवल 16 पार्कों में CCTV कैमरे स्थापित हैं। सुरक्षा बढ़ाने के लिए DDA ने 323 अतिरिक्त पार्कों में CCTV लगाने का प्रस्ताव तैयार किया है।
पार्कों में एंट्री-एग्जिट की समस्याएं
163 पार्कों में पहुँच नियंत्रण की खामियां
ऑडिट में 163 पार्कों में पहुँच नियंत्रण से संबंधित समस्याएं भी पाई गई हैं। DDA के अनुसार, इन पार्कों में ऐसे गेट हैं जिन्हें लॉक किया जा सकता है या जिनकी पहुँच को नियंत्रित करने की आवश्यकता है। प्राधिकरण ने इन स्थानों पर गेटों को सुरक्षित और लॉक करने योग्य बनाने की योजना बनाई है।
हाई रिस्क पार्कों में सुरक्षा उपाय
बाइक पेट्रोलिंग की शुरुआत
DDA ने 190 हाई रिस्क पार्कों में बाइक पेट्रोलिंग शुरू कर दी है। इसके अलावा, पार्कों में सुरक्षा संबंधी सूचना बोर्ड लगाने का कार्य भी चल रहा है। अब तक ऐसे बोर्ड 115 पार्कों में लगाए जा चुके हैं, और 484 अतिरिक्त पार्कों में साइनेज लगाने का कार्य जारी है।
सुरक्षा ऑडिट का निर्णय
गैंगरेप के बाद लिया गया निर्णय
ये सभी कदम आस्था कुंज पार्क में 17 वर्षीय लड़की के साथ हुई सामूहिक दुष्कर्म की घटना के बाद उठाए गए हैं। दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने घटना के बाद सभी पार्कों का व्यापक सुरक्षा ऑडिट एक सप्ताह के भीतर कराने के निर्देश दिए थे। इसके साथ ही अधिकारियों को पार्कों की लाइटिंग, सुरक्षा, साफ-सफाई और पुलिस पेट्रोलिंग की समीक्षा करने के लिए भी कहा गया था।
