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दिल्ली के पालम अग्निकांड की जांच रिपोर्ट में गंभीर लापरवाहियों का खुलासा

दिल्ली के पालम में 18 मार्च 2026 को हुए अग्निकांड की मजिस्ट्रियल जांच रिपोर्ट ने कई गंभीर सवाल उठाए हैं। इस हादसे में नौ लोगों की जान गई थी। रिपोर्ट में आग लगने का मुख्य कारण शॉर्ट सर्किट बताया गया है, और दिल्ली नगर निगम तथा दमकल विभाग की लापरवाहियों का भी खुलासा हुआ है। अधिकारियों ने कहा है कि रिपोर्ट में सामने आई कमियों के आधार पर सख्त कदम उठाए जाएंगे। जानें इस दर्दनाक घटना की पूरी कहानी और क्या कदम उठाए जाएंगे।
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दिल्ली के पालम में अग्निकांड की जांच रिपोर्ट


नई दिल्ली: दिल्ली के पालम क्षेत्र में 18 मार्च 2026 को हुए भयंकर अग्निकांड की मजिस्ट्रियल जांच रिपोर्ट ने कई गंभीर मुद्दों को उजागर किया है। इस दुखद घटना में नौ लोगों की जान गई थी। अब दक्षिण पश्चिम जिले के जिला मजिस्ट्रेट ने 85 पन्नों की रिपोर्ट दिल्ली सरकार के गृह विभाग को सौंप दी है। रिपोर्ट में आग लगने का मुख्य कारण शॉर्ट सर्किट बताया गया है, साथ ही दिल्ली नगर निगम और दिल्ली फायर सर्विस की कई लापरवाहियों का भी उल्लेख किया गया है।


जांच के अनुसार, इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर स्थित एमसीबी बॉक्स के पास शॉर्ट सर्किट से आग की शुरुआत हुई। प्रारंभिक चिंगारी के बाद, इमारत में रखे कॉस्मेटिक सामान ने आग को तेजी से फैलने में मदद की, जिससे पूरा भवन आग की चपेट में आ गया और एक बड़ा हादसा हुआ।


रिपोर्ट में अन्य महत्वपूर्ण बिंदु

रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि हादसे की कानूनी जांच का नेतृत्व करने वाले असिस्टेंट इलेक्ट्रिकल इंस्पेक्टर के पास आवश्यक तकनीकी प्रशिक्षण की कमी थी। उन्होंने जिन छह आग की घटनाओं की जांच की थी, उनमें भी आग लगने का वास्तविक कारण स्पष्ट नहीं हो पाया था, जिससे उनकी तकनीकी क्षमता और जांच प्रक्रिया पर सवाल उठते हैं।


दिल्ली नगर निगम की कार्यप्रणाली पर भी जांच में सवाल उठाए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, इमारत में सुरक्षा मानकों का पालन सही तरीके से नहीं किया गया था। आसपास लटकते अवैध बिजली के तार और सुरक्षा व्यवस्था की अनदेखी ने स्थिति को और गंभीर बना दिया।


दमकल विभाग की तैयारियों पर रिपोर्ट

दमकल विभाग की तैयारियों के संबंध में भी रिपोर्ट में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई है। ऊंची इमारतों में बचाव कार्य के लिए उपयोग होने वाला ब्रोंटो स्काईलिफ्ट समय पर मौके पर पहुंच गया था, लेकिन उसके बूम में केबल फंसने के कारण वह काम नहीं कर सका। सबसे चिंताजनक बात यह रही कि दमकल विभाग के पास तत्काल उपयोग के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं थी। दूसरी स्काईलिफ्ट के पहुंचने तक काफी समय बीत चुका था, जिससे कई लोगों की जान नहीं बचाई जा सकी।


अधिकारियों की प्रतिक्रिया

दिल्ली सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा है कि रिपोर्ट में सामने आई कमियों के आधार पर कठोर कदम उठाए जाएंगे। अग्निशमन विभाग को मजबूत करने के लिए 500 से अधिक नए कर्मचारियों की भर्ती की जा चुकी है। इसके अलावा, आधुनिक उपकरणों की खरीद, मशीनों की नियमित तकनीकी जांच और आपातकालीन तैयारियों को और मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, जून में मालवीय नगर में हुए अग्निकांड की जांच भी अंतिम चरण में है और उसकी रिपोर्ट जल्द ही सरकार को सौंपी जाएगी। दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की संभावना भी जताई जा रही है।