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दिल्ली के रोहिणी में फर्जी सीबीआई रेड का प्रयास नाकाम

दिल्ली के रोहिणी में एक महिला ने 8 से 10 लोगों के एक समूह को फर्जी सीबीआई अधिकारी बताकर घर में घुसने से रोक दिया। यह समूह आधिकारिक पहचान पत्र और दस्तावेज दिखाने में असफल रहा। पड़ोसियों की मदद से स्थिति को नियंत्रित किया गया, और परिवार ने पुलिस को सूचित किया। जांच जारी है, जिसमें सीसीटीवी फुटेज और व्हाट्सएप नोटिस शामिल हैं। जानें इस घटना के बारे में और क्या हुआ।
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रोहिणी में हड़कंप


रोहिणी: दिल्ली के रोहिणी क्षेत्र में एक व्यापारी के निवास पर अचानक हड़कंप मच गया। 8 से 10 व्यक्तियों के समूह ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर घर में घुसने की कोशिश की। हालांकि, घर में मौजूद महिला ने उनकी चाल को विफल कर दिया। उसने दरवाजा खोलने से मना कर दिया और उनसे अपनी पहचान और आधिकारिक दस्तावेज दिखाने को कहा।


पड़ोसियों की मदद से स्थिति नियंत्रण में

परिवार के सदस्यों के अनुसार, यह समूह लगभग डेढ़ घंटे तक दरवाजे पर खड़ा रहा और अंदर आने का दबाव बनाता रहा। महिला ने अपने निर्णय पर अडिग रहते हुए दरवाजा नहीं खोला। इस बीच, आसपास के पड़ोसी भी वहां इकट्ठा हो गए। जब पड़ोसियों ने भी उनसे सर्च वारंट और अधिकृत पत्र दिखाने को कहा, तो स्थिति संदिग्ध हो गई।


फर्जी नोटिस का मामला


इन लोगों ने सीबीआई के लोगो वाले कपड़े पहने हुए थे और गले में फर्जी पहचान पत्र लटकाए थे। दबाव बनाने के लिए उन्होंने व्यापारी के पिता के मोबाइल पर व्हाट्सएप के माध्यम से एक नोटिस भेजा, जिसमें सीबीआई निदेशक के नाम और कथित हस्ताक्षर थे। थोड़ी देर बाद, उन्होंने वह संदेश डिलीट कर दिया, लेकिन परिवार ने उसका स्क्रीनशॉट ले लिया। जब उन्होंने हार्ड कॉपी मांगी, तो वे बोले कि कागज गाड़ी में हैं, और फिर सभी लोग गाड़ी में बैठकर भाग गए।


पुलिस को सूचित किया गया

परिवार ने 112 पर पुलिस को सूचना दी। पूरी घटना सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है। परिवार ने पुलिस से जांच और कार्रवाई की मांग की है। दिल्ली पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। सीसीटीवी फुटेज, व्हाट्सएप नोटिस और अन्य सबूतों की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि यह समूह कौन था और उनका असली उद्देश्य क्या था। अभी तक एफआईआर दर्ज होने की पुष्टि नहीं हुई है।