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दिल्ली में CJP का आगामी प्रदर्शन: जन-आंदोलन की तैयारी

कॉकरेच जनता पार्टी (CJP) ने 10 अक्टूबर को दिल्ली में एक बड़े प्रदर्शन की योजना बनाई है, जिसे Gen-Z प्रोटेस्ट के रूप में आयोजित किया जाएगा। पार्टी का कहना है कि जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को नहीं हटाया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। पिछले प्रदर्शन में उत्पन्न विवादों और पुलिस की कार्रवाई के बाद, यह नया प्रदर्शन प्रशासन के लिए एक चुनौती बन गया है। जानें इस प्रदर्शन के पीछे की वजह और पिछले घटनाक्रम के बारे में।
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CJP का प्रदर्शन: 10 अक्टूबर की योजना


नई दिल्ली: कॉकरेच जनता पार्टी (CJP) ने एक बार फिर से दिल्ली में प्रदर्शन की योजना बनाई है। पार्टी ने दिल्ली पुलिस को सूचित किया है कि वे 10 अक्टूबर को प्रदर्शन करने जा रहे हैं। पुलिस ने इस सूचना की पुष्टि की है, लेकिन अभी तक औपचारिक अनुमति नहीं दी है।


जनता का समर्थन: Gen-Z प्रोटेस्ट

संसद मार्ग थाने के बाहर CJP के सौरव दास ने कहा कि यह प्रदर्शन केवल उनकी पार्टी तक सीमित नहीं रहेगा। इसे Gen-Z प्रोटेस्ट के रूप में आयोजित करने की योजना है। उनका कहना है कि जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को नहीं हटाया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।


धारा 163 का प्रभाव

CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन के दौरान नई दिल्ली में BNSS की धारा 163 लागू है। यह प्रावधान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भीड़ और सार्वजनिक गतिविधियों पर कुछ प्रतिबंध लगाने के लिए उपयोग किया जा सकता है। इस स्थिति में, 10 अक्टूबर के प्रदर्शन के संबंध में दिल्ली पुलिस का निर्णय महत्वपूर्ण होगा।


3 अक्टूबर का विवाद

3 अक्टूबर को CJP के प्रदर्शन के दौरान एक नया विवाद उत्पन्न हुआ था। तीन महिला पत्रकारों ने पुलिसकर्मियों पर यौन उत्पीड़न और बदसलूकी का आरोप लगाया। इस शिकायत के बाद दिल्ली पुलिस ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए इसे क्राइम ब्रांच को सौंप दिया। इसके बाद पत्रकारों और प्रदर्शनकारियों ने संसद मार्ग थाने के बाहर धरना दिया और FIR दर्ज करने की मांग की। पुलिस ने कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी लिया था।


जुलाई में टकराव

CJP पहले भी दिल्ली की सड़कों पर प्रदर्शन कर चुका है। जुलाई में 'संसद चलो' मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव हुआ था। बैरिकेड तोड़ने के बाद पुलिस ने आंसू गैस और लाठीचार्ज का सहारा लिया। इस हिंसा के बाद दिल्ली पुलिस ने कई FIR दर्ज की थीं। बाद में सुप्रीम कोर्ट में पुलिस ने कहा था कि जुलाई के CJP प्रदर्शनों से जुड़ी 13 FIR पर वह आगे कार्रवाई नहीं करना चाहती। अब 10 अक्टूबर का प्रस्तावित प्रदर्शन प्रशासन और पुलिस के लिए एक नई चुनौती बन गया है।