दिल्ली में CJP संसद मार्च के बाद पुलिस की सख्त कार्रवाई
दिल्ली में CJP मार्च के दौरान हुई हिंसा
दिल्ली में CJP द्वारा आयोजित संसद मार्च के दौरान उत्पन्न हंगामे के बाद, पुलिस ने कठोर कदम उठाने का निर्णय लिया है। इस हिंसा के चलते सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और पुलिस पर हमले के मामलों में कई गंभीर धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई हैं। पुलिस अब इस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है।
पुलिस ने दर्ज की एफआईआर
हिंसा के बाद की गई कार्रवाई
संसद मार्च के दौरान स्थिति बिगड़ने के बाद, दिल्ली पुलिस ने उपद्रवियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। अब तक चार एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं, जिनमें भारतीय न्याय संहिता (BNS), आर्म्स एक्ट 1959 और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान से संरक्षण अधिनियम (PDPP Act) की कई धाराएं शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान सरकारी कार्यों में बाधा उत्पन्न की गई, सार्वजनिक व्यवस्था को बिगाड़ा गया और कई स्थानों पर तोड़फोड़ की गई। पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में दर्ज मामलों की जांच एक विशेष टीम द्वारा की जा रही है, जिसमें वीडियो, सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूतों की भी समीक्षा की जा रही है।
कानूनी कार्रवाई की तैयारी
गंभीर धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई
एफआईआर में कई गंभीर धाराएं शामिल की गई हैं, जैसे लोक सेवक के कार्य में बाधा डालना, सरकारी कर्मचारियों पर हमला करना, गैरकानूनी भीड़ जुटाना, दंगा फैलाना, हिंसा करना, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाना और आपराधिक साजिश। इसके अतिरिक्त, आर्म्स एक्ट की धारा 25(1AB) और PDPP एक्ट की धारा 3 भी लगाई गई हैं। पुलिस का कहना है कि यदि जांच में किसी व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है, तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, सभी मामलों की अलग-अलग जांच की जा रही है ताकि हर घटना की सच्चाई उजागर हो सके।
जांच टीम सबूत जुटाने में लगी
जांच की प्रक्रिया
दिल्ली पुलिस पूरे घटनाक्रम के हर पहलू की जांच कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान कई स्थानों पर पथराव और तोड़फोड़ की घटनाएं हुई हैं। पुलिस अब मोबाइल वीडियो, सीसीटीवी फुटेज और सोशल मीडिया पर वायरल सामग्री की भी जांच कर रही है। जिन व्यक्तियों की पहचान हिंसा में शामिल होने के रूप में होगी, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी अफवाह पर विश्वास न करें और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें।
