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दिल्ली में तुगलकाबाद में आगजनी की घटना में तीन की मौत, चार गिरफ्तार

दिल्ली के तुगलकाबाद एक्सटेंशन में एक भयानक आगजनी की घटना में तीन लोगों की जान चली गई। पुलिस ने इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक नाबालिग भी शामिल है। यह घटना एक निजी रंजिश और पैसों के विवाद का परिणाम बताई जा रही है। जांच में CCTV फुटेज से महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। इस घटना ने इमारतों की सुरक्षा की खामियों को उजागर किया है।
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दिल्ली में तुगलकाबाद में आगजनी की घटना में तीन की मौत, चार गिरफ्तार

दिल्ली में आगजनी की भयावह घटना


नई दिल्ली: दिल्ली के तुगलकाबाद एक्सटेंशन क्षेत्र में शुक्रवार की सुबह एक दुखद घटना घटी। रात लगभग ढाई बजे, एक आवासीय इमारत की पार्किंग में खड़े स्कूटर में आग लग गई, जिससे आग ने तेजी से पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। इस आगजनी के कारण एक ही परिवार के तीन सदस्यों की जान चली गई। रविवार को पुलिस ने इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया, जिनमें एक 17 वर्षीय नाबालिग भी शामिल है।


परिवार पर कहर टूटा

जब अधिकांश लोग सो रहे थे, तब तुगलकाबाद एक्सटेंशन में एक परिवार पर यह आपदा आ गई। 70 वर्षीय सुशीला देवी, उनके 28 वर्षीय पोते पंकज पांडे और 20 वर्षीय पोती सोनी की इस आग में जलकर मृत्यु हो गई। परिवार के दो अन्य सदस्य, 50 वर्षीय गुड्डी देवी और 18 वर्षीय मणि गंभीर रूप से घायल हो गए, लेकिन अब उनकी स्थिति स्थिर है।


CCTV फुटेज से मिली जानकारी

पुलिस ने जांच के दौरान CCTV फुटेज से महत्वपूर्ण सबूत प्राप्त किए। फुटेज में एक नाबालिग लड़की दुपट्टे से अपना चेहरा ढककर इमारत में प्रवेश करती दिखाई दी और कुछ ही मिनटों बाद तेजी से बाहर निकल गई। इसके तुरंत बाद धमाका हुआ। पुलिस ने इस लड़की और तीन अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में पता चला कि यह घटना एक पूर्व नियोजित साजिश का हिस्सा थी।


पैसों के विवाद ने ली जानें

पूछताछ में यह सामने आया कि यह सब एक निजी रंजिश और पैसों के विवाद का परिणाम था। DCP ने बताया कि गोविंदपुरी के नवजीवन कैंप में रहने वाले 33 वर्षीय निरंजन और उसके 27 वर्षीय भाई राजकुमार ने इस साजिश को अंजाम दिया। बदला लेने के उद्देश्य से उन्होंने नाबालिग लड़की और उसकी मां सरिता को इस कार्य के लिए प्रेरित किया। एक छोटे से विवाद ने तीन निर्दोष लोगों की जान ले ली।


कानूनी कार्रवाई की गई

पुलिस ने इस मामले में भारतीय दंड संहिता की कई गंभीर धाराएं लगाई हैं, जिनमें धारा 61 (आपराधिक साजिश), 105 (गैर-इरादतन हत्या), 110 (हत्या की कोशिश), 326(g) (आग से नुकसान) और 331(4) (रात में घर में घुसना) शामिल हैं। गोविंदपुरी थाने में दर्ज FIR में सभी आरोपियों के नाम शामिल किए गए हैं और आगे की जांच जारी है।


सुरक्षा की कमी उजागर

इस घटना ने दिल्ली की घनी बस्तियों में इमारतों की सुरक्षा की खामियों को एक बार फिर उजागर किया है। लगभग 100 वर्ग गज के प्लॉट पर बनी इस पांच मंजिला इमारत में दस फ्लैट थे, लेकिन न तो कोई फायर एग्जिट था, न वेंटिलेशन, और न ही आग बुझाने के उपकरण। ग्राउंड फ्लोर की पार्किंग में सात दोपहिया वाहन खड़े थे। जब स्कूटर में आग लगी, तो धुआं पूरी इमारत में फैल गया और ऊपरी मंजिलों पर रहने वाले लोग बाहर निकलने में असमर्थ रहे।