दिल्ली में नीट पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन: हिंसा की जांच तेज
नई दिल्ली में प्रदर्शन के बाद हिंसा की जांच
नई दिल्ली: नीट परीक्षा के पेपर लीक के खिलाफ दिल्ली में हुए प्रदर्शनों के बाद अब हिंसा के कारणों की जांच में तेजी लाई गई है। दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। जांच एजेंसियां यह जानने की कोशिश कर रही हैं कि प्रदर्शन के दौरान हालात कैसे बिगड़े और हिंसा की शुरुआत किस परिस्थिति में हुई। सोमवार को संसद के मानसून सत्र की शुरुआत के साथ ही प्रदर्शनकारियों ने संसद की ओर मार्च किया। सुरक्षा व्यवस्था पहले से ही कड़ी थी और रास्तों पर बैरिकेड लगाए गए थे। इसी दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव हुआ, जिसके परिणामस्वरूप पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा।
जांच का प्राथमिक सवाल: हिंसा की शुरुआत किसने की?
दिल्ली पुलिस की जांच का एक महत्वपूर्ण बिंदु यह है कि बैरिकेड तोड़ने या तनाव बढ़ाने की शुरुआत किसने की। पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन में छात्रों के अलावा अन्य लोग भी शामिल थे। इसलिए यह जांच की जा रही है कि कहीं किसी बाहरी समूह ने प्रदर्शन को प्रभावित करने या माहौल को बिगाड़ने की कोशिश तो नहीं की।
सोशल मीडिया सबूतों की फॉरेंसिक जांच
जांच के दौरान सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो की फॉरेंसिक जांच भी की जाएगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई वीडियो संपादित या भ्रामक तरीके से साझा नहीं किया गया। इसके साथ ही घटनास्थल से मिले डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को भी जांच में शामिल किया जाएगा।
CCTV और ड्रोन फुटेज का विश्लेषण
दिल्ली पुलिस प्रदर्शन में शामिल लोगों की पहचान के लिए सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन और पुलिस के बॉडी कैमरों की फुटेज का विश्लेषण करेगी। इन रिकॉर्डिंग के आधार पर पूरे घटनाक्रम की टाइमलाइन तैयार की जाएगी। साथ ही प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा होंगे।
बाहरी तत्वों की भूमिका की जांच
पुलिस यह भी देख रही है कि क्या किसी संगठन या बाहरी तत्व ने जानबूझकर प्रदर्शन के दौरान माहौल बिगाड़ने या हिंसा भड़काने का प्रयास किया। इस पहलू की पुष्टि के लिए उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों और अन्य तथ्यों का मिलान किया जाएगा। फिलहाल, जांच कई पहलुओं को ध्यान में रखकर आगे बढ़ाई जा रही है।
प्रदर्शन की मांगें
प्रदर्शन के दौरान शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, सोनम वांगचुक को अस्पताल से रिहा करने और नीट पेपर लीक से जुड़े उन छात्रों के लिए मुआवजे की मांग उठाई गई, जिन्होंने कथित तौर पर आत्महत्या की थी। प्रदर्शनकारियों के संसद की ओर बढ़ने के प्रयास के दौरान पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच झड़प हुई और स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
