दिल्ली में फिल्मी सितारों की रामलीला का भव्य आयोजन
रामलीला का शुभारंभ
दिल्ली के मावलंकर हॉल में, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल से फिल्मी सितारों की रामलीला का आठवां संस्करण 10 अक्टूबर को शुरू हुआ। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य भारतीय संस्कृति, रामायण की शिक्षाओं और भगवान श्रीराम के आदर्शों को नई पीढ़ी के बीच फैलाना है। इस बार रामलीला में पारंपरिक तत्वों के साथ-साथ आधुनिक तकनीक का भी उपयोग किया गया है।
बाल कलाकारों का अद्भुत मंचन
इस संस्करण की एक विशेषता यह है कि पहली बार 3 से 17 वर्ष के बाल कलाकारों ने संपूर्ण रामायण का मंचन किया। बच्चों ने श्रीराम के जन्म से लेकर उनके राज्याभिषेक तक की कथा को संवाद और अभिनय के माध्यम से प्रस्तुत किया, जिससे दर्शकों ने काफी सराहना की।
मंचन में प्रमुख प्रसंगों में श्रीराम का जन्म, विश्वामित्र का आगमन, ताड़का वध, सीता स्वयंवर, राम वनवास, और रावण वध शामिल थे। अंत में श्रीराम के राज्याभिषेक का दृश्य भी प्रस्तुत किया गया।
पांच स्कूलों के छात्रों की भागीदारी
रामलीला के संस्थापक अध्यक्ष सुभाष मलिक और अन्य आयोजकों ने बताया कि इस बार बच्चों को रामायण के संपूर्ण मंचन का अवसर दिया गया है। हीरा पब्लिक स्कूल, एचएसवी ग्लोबल, पार्थ इंटरनेशनल, एचएसवी इंटरनेशनल और मिसरी देवी ज्ञान निकेतन स्कूल के विद्यार्थियों ने इसमें भाग लिया।
इस पहल के माध्यम से बच्चों को भारतीय संस्कृति और नैतिक मूल्यों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
फिल्मी सितारों की भूमिका
आयोजकों के अनुसार, रामलीला का आयोजन 10 से 20 अक्टूबर 2026 तक होगा, जिसमें 63 फिल्मी कलाकार विभिन्न पात्रों की भूमिका निभाएंगे। इनमें मनोज तिवारी, रवि किशन, और काजिया लिज मेजो जैसे नाम शामिल हैं।
मेला दोपहर 12 बजे से रात 11 बजे तक चलेगा, जबकि रामलीला का मंचन शाम 7 बजे से रात 10 बजे तक होगा।
रवि किशन की विशेष भूमिका
रामलीला के प्रमुख आकर्षणों में सांसद और अभिनेता रवि किशन की भूमिका शामिल है। 19 अक्टूबर को रवि किशन भगवान श्रीराम का किरदार निभाएंगे, जबकि अरुण बख्शी रावण का किरदार अदा करेंगे।
वैश्विक प्रसारण की योजना
आयोजकों का कहना है कि रामलीला का प्रसारण 80 से अधिक सैटेलाइट चैनलों के माध्यम से 40 भाषाओं में किया जाएगा, जिससे यह 60 देशों तक पहुंचेगी।
इससे विदेशों में रहने वाले भारतीयों और अन्य देशों के दर्शकों को अपनी भाषा में रामलीला देखने का अवसर मिलेगा।
आधुनिक तकनीक का उपयोग
रामलीला के मंच पर 120 फीट की विशाल एलईडी स्क्रीन लगाई गई है, जिससे रामायण के प्रसंगों को प्रभावशाली तरीके से दिखाया जा रहा है।
बाल कलाकारों की भागीदारी और बहुभाषी प्रसारण इस संस्करण की प्रमुख विशेषताएं हैं।
संस्कृति और मनोरंजन का संगम
आयोजकों का लक्ष्य रामलीला को मनोरंजन के साथ-साथ भारतीय सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक परंपरा से जोड़ना है, ताकि भगवान श्रीराम के आदर्श अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सकें।
