दिल्ली में बहुमंजिला इमारत गिरने के बाद MCD ने उठाए सख्त कदम
दिल्ली में इमारत गिरने की घटना
नई दिल्ली: दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन क्षेत्र में एक बहुमंजिला इमारत के गिरने के बाद दिल्ली नगर निगम (MCD) ने त्वरित कार्रवाई की है। इस दुर्घटना में अब तक 6 लोगों की जान जा चुकी है। घटना के बाद, MCD ने चार मंजिल से अधिक ऊंची सभी अवैध इमारतों को तुरंत सील करने का निर्देश दिया है। दिल्ली के मेयर परवेश वाही ने कहा कि अवैध निर्माण को रोकने में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई
दोषी अधिकारियों पर होगी कड़ी कार्रवाई:
मेयर ने स्पष्ट किया कि यदि जांच में कोई अधिकारी अवैध निर्माण की अनुमति देने या उसे रोकने में लापरवाही का दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे। गंभीर लापरवाही के मामले में संबंधित अधिकारियों को नौकरी से हटाने तक की कार्रवाई की जा सकती है। उन्होंने कहा कि सत्य निकेतन इमारत हादसे के लिए जिम्मेदार किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और आदेशों को तुरंत लागू किया जाएगा।
हादसे में हुई जनहानि
हादसे में 6 लोगों की मौत:
यह दुर्घटना रविवार को हुई थी। दिल्ली फायर डिपार्टमेंट को दोपहर लगभग 1:30 बजे इमारत गिरने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल और बचाव दल मौके पर पहुंचे और मलबे में फंसे लोगों की खोजबीन शुरू की। पुलिस के अनुसार, इस हादसे में 6 लोगों की जान गई है, जबकि 10 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। इस मामले में दिल्ली पुलिस ने कथित इमारत मालिक हरिराम और अन्य के खिलाफ FIR भी दर्ज की है।
ABVP का प्रदर्शन
MCD मुख्यालय के बाहर ABVP का प्रदर्शन:
इस घटना के बाद, छात्रों की सुरक्षा को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं ने सिविक सेंटर स्थित MCD मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि छात्रों की संख्या वाले क्षेत्रों में कई PG में सुरक्षा नियमों का पालन सही तरीके से नहीं किया जा रहा है। उन्होंने MCD पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग की।
अवैध निर्माण पर सख्ती
अवैध इमारतों पर अब बढ़ेगी सख्ती:
सत्य निकेतन हादसे के बाद, दिल्ली में अवैध निर्माण और PG की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। MCD के नए आदेश के बाद, चार मंजिल से ऊंची अवैध इमारतों पर कार्रवाई तेज होने की संभावना है। प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह होगी कि अवैध निर्माण पर समय पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।
