Newzfatafatlogo

दिल्ली में मतदाता सूची में बड़े बदलाव, 33% नाम हटाए गए

दिल्ली में हाल ही में जारी मसौदा मतदाता सूची में 33% नामों को हटा दिया गया है, जिससे कुल मतदाताओं की संख्या 1.45 करोड़ से घटकर 97 लाख रह गई है। इस प्रक्रिया में कई प्रमुख नेताओं को नोटिस भेजे गए हैं, जिससे राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। जानें इस बदलाव के पीछे की वजहें और इसके संभावित प्रभाव।
 | 

दिल्ली की मतदाता सूची में महत्वपूर्ण परिवर्तन


दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के पहले चरण के बाद, मसौदा मतदाता सूची जारी की गई है। इस सूची में लगभग 33 प्रतिशत मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं। पिछले साल विधानसभा चुनाव में 1.45 करोड़ मतदाता थे, जबकि अब जारी की गई सूची में केवल 97 लाख मतदाता रह गए हैं। लगभग 47 लाख नामों को हटा दिया गया है। इसके अलावा, बड़ी संख्या में नोटिस भी भेजे जा रहे हैं। विभिन्न कारणों से लाखों लोगों से जवाब मांगा गया है।


इस प्रक्रिया में चुनाव आयुक्त एसएस संधु और उनके परिवार के सदस्यों को नोटिस भेजा गया है, साथ ही भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी और उनकी बेटी, दिल्ली के उप राज्यपाल तरणजीत सिंह संधु, विदेश मंत्री एस जयशंकर, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को भी नोटिस भेजे गए हैं।


लोग इस खबर को लेकर उत्सुक हैं और कई लोग इस बात से खुश हैं कि बड़े नेताओं को भी जवाब देना होगा। कांग्रेस के समर्थक इस प्रक्रिया का विरोध कर रहे हैं, लेकिन वे भी इस बात से संतुष्ट हैं कि चुनाव आयोग की कार्रवाई अब बड़े लोगों को भी प्रभावित कर रही है। हालांकि, यह भी कहा जा रहा है कि यह पश्चिम बंगाल में लाखों लोगों को नोटिस भेजने और नामों में गड़बड़ी के आधार पर नाम हटाने के फैसले को सही ठहराने के लिए जानबूझकर किया जा रहा है।