दिल्ली में यातायात पर असर डालने वाले विरोध प्रदर्शन की तैयारी
दिल्ली में यातायात प्रभावित होने की संभावना
नई दिल्ली: मंगलवार को दिल्ली की कई प्रमुख सड़कों पर यातायात में बाधा उत्पन्न हो सकती है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने किशन घाट पर होने वाले विरोध प्रदर्शन और रैली के मद्देनजर सुबह साढ़े आठ बजे से ट्रैफिक डायवर्जन और सड़कें बंद करने की संभावना जताई है। इससे राजधानी के विभिन्न क्षेत्रों में जाम की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। पुलिस ने नागरिकों से यात्रा की योजना पहले से बनाने और वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की सलाह दी है।
विरोध प्रदर्शन की जानकारी
ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, किशन घाट पर 'देश बचाओ मोर्चा' द्वारा विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए, यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए कई स्थानों पर ट्रैफिक डायवर्ट किया जा सकता है। कुछ सड़कों पर वाहनों की आवाजाही अस्थायी रूप से भी रोकी जा सकती है।
ट्रैफिक पुलिस की सलाह
ट्रैफिक पुलिस ने बताया कि दिल्ली गेट, राजघाट क्रॉसिंग, गुरु नानक चौक, शांतिवन चौक, राजघाट डीटीसी डिपो और आईपी फ्लाईओवर के आसपास यातायात डायवर्जन लागू किया जा सकता है। सत्याग्रह मार्ग, वेलोड्रोम रोड, राजघाट डीटीसी डिपो रोड, राजघाट डीटीसी बाईपास रोड और आसपास की संपर्क सड़कों पर जाम लगने की संभावना है।
पुलिस ने एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और बस अड्डों की ओर जाने वाले यात्रियों को सलाह दी है कि वे अतिरिक्त समय लेकर घर से निकलें। साथ ही, वाहन चालकों से अनुरोध किया गया है कि वे सड़क किनारे वाहन न खड़ा करें और केवल निर्धारित पार्किंग स्थलों का उपयोग करें। मौके पर तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मियों के निर्देशों का पालन करने और रियल टाइम ट्रैफिक अपडेट के लिए नेविगेशन एप का उपयोग करने की भी सलाह दी गई है।
यातायात संबंधी जानकारी कैसे प्राप्त करें?
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने नागरिकों से कहा है कि किसी भी असुविधा से बचने के लिए प्रभावित मार्गों से यथासंभव बचें। जरूरत पड़ने पर यातायात संबंधी जानकारी के लिए ट्रैफिक पुलिस के आधिकारिक सोशल मीडिया चैनलों, व्हाट्सएप सेवा और हेल्पलाइन नंबर का उपयोग किया जा सकता है।
यह रैली भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते के खिलाफ आयोजित की जा रही है। किसान संगठनों का कहना है कि यदि सस्ते कृषि उत्पादों का आयात बढ़ता है, तो इसका नकारात्मक प्रभाव किसानों, खेतिहर मजदूरों, पशुपालकों, छोटे व्यापारियों और कृषि आधारित अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। इसी मुद्दे को लेकर पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और राजस्थान सहित कई राज्यों के किसान दिल्ली पहुंच रहे हैं।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक ट्रैफिक एडवाइजरी के अनुसार अपनी यात्रा की योजना बनाएं, ताकि अनावश्यक परेशानी से बचा जा सके।
