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दिल्ली में वायु प्रदूषण की स्थिति गंभीर, AQI 300 के पार

दिल्ली में वायु प्रदूषण की स्थिति चिंताजनक हो गई है, जहां AQI कई क्षेत्रों में 300 के पार पहुंच गया है। रोहिणी और चांदनी चौक जैसे इलाकों में प्रदूषण की स्थिति सबसे खराब है। इसके मद्देनजर, ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) का पहला चरण लागू किया गया है, जिसमें कई प्रतिबंध शामिल हैं। सरकारी और निजी कार्यालयों को कर्मचारियों की उपस्थिति सीमित करने के निर्देश दिए गए हैं। जानें और क्या कदम उठाए जा रहे हैं इस गंभीर स्थिति से निपटने के लिए।
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दिल्ली में वायु गुणवत्ता की चिंताजनक स्थिति


दिल्ली में वायु प्रदूषण का AQI: राजधानी दिल्ली में एक बार फिर वायु गुणवत्ता खराब श्रेणी में पहुंच गई है। सोमवार की सुबह, दिल्ली का AQI गंभीर स्तर पर पहुंच गया, जहां कई क्षेत्रों में AQI 300 के पार चला गया। रोहिणी में स्थिति सबसे खराब रही, जबकि चांदनी चौक में AQI 360 दर्ज किया गया। हाल ही में, दिल्ली ने एक दशक में अक्टूबर महीने की सबसे साफ हवा का अनुभव किया था, लेकिन अब प्रदूषण ने फिर से चिंता बढ़ा दी है।


दिल्ली के प्रदूषण से प्रभावित क्षेत्र

दिल्ली के सबसे प्रदूषित क्षेत्र:


सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार, सोमवार सुबह दिल्ली के कई क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता बेहद खराब रही। आइए जानते हैं कि दिल्ली के किन क्षेत्रों में सबसे खराब AQI दर्ज किया गया।


सबसे खराब AQI वाले क्षेत्र

इन क्षेत्रों में AQI की स्थिति:


रोहिणी में 396, अलीपुर में 379, विवेक विहार में 374, नरेला में 371, आरके पुरम में 368, चांदनी चौक में 360, द्वारका सेक्टर-8 में 355, आईटीओ में 349, ओखला फेज-2 में 348, जेएनयू में 313, मुंडका में 376 और वजीरपुर में 321 AQI दर्ज किया गया। आनंद विहार में AQI 242, लोधी रोड में 249 और आया नगर में 281 रहा।


दिल्ली में GRAP का पहला चरण लागू

GRAP का कार्यान्वयन:


बढ़ते प्रदूषण के मद्देनजर, दिल्ली में 1 नवंबर से ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) का पहला चरण लागू किया गया है। कई प्रतिबंध लगाए गए हैं, जिसमें दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड BS-IV या उससे पुराने वाहनों को 31 जनवरी तक राजधानी में चलने की अनुमति नहीं होगी। सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों के साथ-साथ एंबुलेंस, दमकल, पुलिस और अन्य आवश्यक वाहनों को राहत दी गई है।


इसके अलावा, धूल फैलाने वाले सभी निर्माण कार्यों पर रोक लगा दी गई है, हालांकि कुछ आवश्यक सार्वजनिक अवसंरचना परियोजनाओं को छूट दी गई है।


ऑफिसों में वर्क फ्रॉम होम की व्यवस्था

वर्क फ्रॉम होम की नीति:


प्रदूषण नियंत्रण के लिए, दिल्ली में अधिकृत पार्किंग स्थलों की फीस 28 फरवरी तक दोगुनी कर दी गई है। सरकारी और निजी कार्यालयों को 1 नवंबर से 31 जनवरी तक कर्मचारियों की केवल 50 प्रतिशत उपस्थिति रखने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि अन्य कर्मचारियों को घर से काम करने की व्यवस्था करनी होगी। आवश्यक और आपातकालीन सेवाओं को इस नीति से छूट दी गई है। इसके अलावा, 10 दिसंबर से 20 जनवरी के बीच निर्माण और तोड़फोड़ की गतिविधियों पर विशेष प्रतिबंध लागू रहेंगे।