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दिल्ली में विशेष पुनरीक्षण प्रक्रिया के तहत प्रमुख मतदाताओं का वेरिफिकेशन

दिल्ली में विशेष इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया के तहत कई प्रमुख मतदाताओं के रिकॉर्ड का सत्यापन किया गया है। इस प्रक्रिया में बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, और अन्य प्रमुख हस्तियों के नाम शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि नोटिस जारी करने का उद्देश्य मतदाता के रिकॉर्ड में विसंगतियों को दूर करना है। जानें इस प्रक्रिया का क्या महत्व है और नोटिस मिलने का क्या अर्थ है।
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दिल्ली में SIR प्रक्रिया का अपडेट


दिल्ली में चल रही विशेष इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया के दौरान कुछ प्रमुख नामों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। चुनाव अधिकारियों के अनुसार, SIR के तहत नोटिस प्राप्त करने वाले अधिकांश प्रमुख मतदाताओं के रिकॉर्ड का सत्यापन पूरा कर लिया गया है। इन मतदाताओं के नाम को अंतिम वोटर सूची में शामिल करने के लिए सुरक्षित रखा गया है।


नोटिस प्राप्त करने वाले प्रमुख नाम

नोटिस प्राप्त करने वाले प्रमुख व्यक्तियों में बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, विदेश मंत्री एस जयशंकर, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि इन व्यक्तियों के रिकॉर्ड में कुछ विसंगतियां पाई गई थीं, जिसके कारण उनसे दस्तावेजों और जानकारी का सत्यापन किया गया।


VVIPs को नोटिस जारी करने का कारण

दिल्ली में SIR के तहत 31 अगस्त को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी की गई थी, जिसमें 97 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम शामिल थे। इसके बाद कई ऐसे मतदाताओं की पहचान की गई जिनकी जानकारी पुराने रिकॉर्ड से मेल नहीं खा रही थी। अधिकारियों के अनुसार, कई मामलों में मौजूदा मतदाता विवरण का 2002 में हुए पिछले SIR के रिकॉर्ड से मिलान नहीं हो पाया। इसी कारण प्रमुख हस्तियों समेत कई मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए।


वेरिफिकेशन प्रक्रिया

नोटिस जारी होने के बाद, निर्वाचन अधिकारियों और बूथ स्तर के अधिकारियों की टीमों ने प्रमुख मतदाताओं के रिकॉर्ड की जांच की। अधिकारियों ने घर जाकर आवश्यक दस्तावेजों और चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार जानकारी का सत्यापन किया। वेरिफिकेशन पूरा होने के बाद, अधिकांश प्रमुख मतदाताओं के नाम को अंतिम मतदाता सूची में शामिल करने के लिए सुरक्षित कर लिया गया है।


नोटिस का अर्थ

दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय ने पहले ही स्पष्ट किया था कि SIR के दौरान नोटिस जारी होने का मतलब यह नहीं है कि संबंधित मतदाता का नाम वोटर लिस्ट से हटा दिया जाएगा। नोटिस का उद्देश्य मतदाता के रिकॉर्ड में मिली विसंगति को दूर करना और आवश्यक दस्तावेजों के आधार पर पात्रता की जांच करना है। किसी मतदाता का नाम हटाने से पहले उसे सुनवाई का अवसर दिया जाना आवश्यक है।


इसलिए, आडवाणी, जयशंकर, धनखड़, रेखा गुप्ता और केजरीवाल जैसे प्रमुख नामों को नोटिस मिलने को सीधे तौर पर वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने की कार्रवाई के रूप में नहीं देखना चाहिए।