दिल्ली से बिहार के लिए नई बस सेवा की तैयारी, यात्रियों के लिए बेहतर विकल्प
नई बस सेवा का प्रस्ताव
नई दिल्ली: दिवाली और छठ पूजा के अवसर पर दिल्ली से बिहार जाने वाले यात्रियों की संख्या में वृद्धि होती है। इस बार, घर लौटने वाले यात्रियों के लिए बस यात्रा का एक नया विकल्प उपलब्ध हो सकता है। दिल्ली सरकार बिहार के लिए अंतरराज्यीय बस सेवा शुरू करने की योजना बना रही है। परिवहन विभाग ने इसके लिए 18 संभावित रूटों की पहचान की है, लेकिन सभी रूटों पर एक साथ बसें चलाने का विचार नहीं है।
सेवा की शुरुआत
सरकार पहले कुछ चुनिंदा रूटों से सेवा शुरू करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। प्रारंभिक चरण में दो या तीन रूट चालू किए जा सकते हैं। इसके बाद, यात्रियों की मांग और व्यवस्था के अनुसार सेवा का विस्तार किया जाएगा। छठ पूजा के दौरान बिहार के लिए 50 से अधिक बसें चलाने की योजना भी प्रस्तावित की गई है। अंतिम निर्णय समिति की रिपोर्ट के आधार पर लिया जाएगा।
बिहार के प्रमुख शहरों तक पहुंच
दिल्ली सरकार ने बिहार के कई महत्वपूर्ण शहरों को जोड़ने वाले 18 संभावित रूटों की पहचान की है। इनमें पटना, गया, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, भागलपुर और पूर्णिया शामिल हैं। इन रूटों के लिए अगस्त में दिल्ली और बिहार के बीच परिवहन समझौते का ड्राफ्ट जारी किया गया था, जिसे अंतिम रूप देने से पहले जनता की राय ली गई थी। अब आगे की प्रक्रिया समिति की रिपोर्ट के आधार पर आगे बढ़ेगी।
उत्तर प्रदेश के शहरों का समावेश
दिल्ली से बिहार जाने वाली बसों को उत्तर प्रदेश से होकर गुजरना होगा। इसलिए प्रस्तावित रूट में नोएडा, आगरा, कानपुर, लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी और गोरखपुर जैसे शहर भी शामिल हो सकते हैं। इससे न केवल बिहार जाने वाले यात्रियों को लाभ होगा, बल्कि रास्ते में आने वाले शहरों के यात्रियों को भी सुविधा मिलेगी। दिल्ली सरकार पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए बस कनेक्टिविटी बढ़ाने पर भी काम कर रही है।
बसों की संख्या और सुरक्षा मानक
छठ पूजा के दौरान बिहार के लिए 50 से अधिक बसें चलाने का प्रस्ताव पहले से योजना में शामिल है। हालांकि, शुरुआत में केवल दो-तीन रूट पर सेवा शुरू होने की संभावना है। सरकार निजी बस ऑपरेटरों को भी इस व्यवस्था में शामिल करने पर विचार कर रही है। यह ध्यान देने योग्य है कि दिल्ली और बिहार के बीच प्रस्तावित परिवहन समझौता 10 साल की अवधि के लिए लागू रहेगा।
सुरक्षा नियमों का पालन
प्रस्तावित व्यवस्था में बसों के प्रकार और सुरक्षा मानकों को लेकर नियम भी निर्धारित किए गए हैं। डीजल बसों को BS-VI या उससे नए उत्सर्जन मानकों का पालन करना होगा। इसके अलावा, CNG और इलेक्ट्रिक बसों को भी सेवा में शामिल किया जा सकता है। बसों में वाहन ट्रैकिंग सिस्टम और आपातकालीन बटन जैसी सुरक्षा सुविधाएं अनिवार्य होंगी। वर्तमान में रूट और किराए पर काम जारी है। समिति की रिपोर्ट के बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
