दिल्ली हाईकोर्ट ने भाजपा विधायक राजू कुमार सिंह को राहत देने से किया इनकार
दिल्ली हाईकोर्ट का फैसला
दिल्ली उच्च न्यायालय ने मंगलवार को बिहार के भाजपा विधायक राजू कुमार सिंह को राहत देने से मना कर दिया। अदालत ने उनकी दोषसिद्धि और सजा पर रोक लगाने की याचिका को स्वीकार नहीं किया। यह मामला 2018 की नववर्ष पूर्व संध्या पर दक्षिण दिल्ली के फतेहपुर बेरी में एक फार्महाउस में हुई फायरिंग से संबंधित है, जिसमें एक महिला की जान चली गई थी। अदालत ने कहा कि विधायक द्वारा किए गए अपराध की गंभीरता को देखते हुए इस स्तर पर दोषसिद्धि को निलंबित करने का कोई आधार नहीं है।
पुलिस और पीड़ित परिवार से जवाब मांगा गया
न्यायमूर्ति मनोज जैन की पीठ ने विधायक की याचिकाओं पर दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया और जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही मृतका के परिवार को भी नोटिस भेजकर उनका पक्ष सुनने का आदेश दिया गया। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 24 जुलाई को निर्धारित की है। सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि भारतीय दंड संहिता की धारा 304 के तहत दर्ज अपराध गंभीर है, इसलिए दोषसिद्धि पर रोक लगाने की मांग पर जल्दबाजी में निर्णय नहीं लिया जा सकता।
ट्रायल कोर्ट द्वारा सुनाई गई सजा
पिछले महीने ट्रायल कोर्ट ने राजू कुमार सिंह को भारतीय दंड संहिता की धारा 304 भाग-2 और शस्त्र अधिनियम के तहत दोषी ठहराया था। जुलाई में अदालत ने उन्हें चार साल की सजा सुनाई और फायरिंग की संस्कृति पर कड़ी टिप्पणी की। अदालत ने कहा कि कानून के शासन वाले समाज में 'सिंघम' या 'पुष्पा' जैसी छवि की आवश्यकता नहीं है, बल्कि कानून का सम्मान होना चाहिए। इसके साथ ही मृतका के परिवार को 25 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश भी दिया गया।
बचाव पक्ष के तर्क
सुनवाई के दौरान विधायक के वकील सिद्धार्थ लूथरा ने दलील दी कि ट्रायल कोर्ट द्वारा निर्धारित 25 लाख रुपये का मुआवजा दो दिनों के भीतर अदालत की रजिस्ट्री में जमा कर दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि अभियोजन का मामला सात प्रत्यक्षदर्शियों पर आधारित था, जिनमें से चार गवाहों ने आरोपों का समर्थन नहीं किया। हालांकि, उच्च न्यायालय ने इन दलीलों पर तत्काल राहत देने से इनकार करते हुए सभी पक्षों के जवाब आने के बाद मामले पर विस्तार से सुनवाई करने का निर्णय लिया। अदालत ने यह भी कहा कि लापरवाही से की गई फायरिंग जैसे मामलों में कानून का सख्ती से पालन होना आवश्यक है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
