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नई प्राइस स्टेबलाइजेशन स्कीम से एयरलाइंस को मिलेगी एटीएफ की निश्चित कीमत

भारत सरकार ने घरेलू एयरलाइंस के लिए एक नई प्राइस स्टेबलाइजेशन योजना की घोषणा की है, जिसके तहत एयरलाइंस अब एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतें तीन साल तक निर्धारित कर सकेंगी। इस योजना का लाभ उठाने वाली एयरलाइंस को निश्चित मूल्य पर ईंधन खरीदने की अनुमति होगी, जबकि अन्य एयरलाइंस को बाजार दरों पर निर्भर रहना होगा। जानें इस योजना के संभावित प्रभाव और एयरलाइंस के लिए इसके लाभ।
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नई प्राइस स्टेबलाइजेशन स्कीम से एयरलाइंस को मिलेगी एटीएफ की निश्चित कीमत

सरकार की नई योजना का प्रभाव

नई दिल्ली : भारत सरकार की हालिया प्राइस स्टेबलाइजेशन योजना के तहत, घरेलू एयरलाइंस अब एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों को तीन वर्षों के लिए निर्धारित कर सकेंगी। इस बीच, सरकारी ईंधन रिटेलर्स ने जेट फ्यूल की कीमतों में लगभग 10 प्रतिशत की वृद्धि की है।


नई व्यवस्था के अनुसार, इस स्वैच्छिक योजना में भाग लेने वाली एयरलाइंस को एटीएफ के लिए 115 रुपये प्रति लीटर का निश्चित मूल्य चुकाना होगा, जबकि पहले यह कीमत 104.927 रुपये प्रति लीटर थी।


जो एयरलाइंस इस योजना में शामिल नहीं होंगी, वे बाजार आधारित दरों पर ईंधन खरीदती रहेंगी। वर्तमान में, यह दर लगभग 142 रुपये प्रति लीटर है, जो अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस द्वारा चुकाई जाने वाली कीमतों के बराबर है।


सूत्रों के अनुसार, यह योजना पूरी तरह से वैकल्पिक है और एयरलाइंस को यह तय करने की स्वतंत्रता होगी कि उन्हें इसमें शामिल होना है या नहीं। योजना का लाभ उठाने वाली एयरलाइंस लॉक-इन अवधि के दौरान अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क कीमतों में उतार-चढ़ाव से सुरक्षित रहेंगी।


हालांकि, जो एयरलाइंस इस फ्रेमवर्क से बाहर रहेंगी, उन्हें बाजार मूल्य में गिरावट का लाभ मिल सकता है, लेकिन कीमतों में वृद्धि की स्थिति में उन्हें अतिरिक्त लागत का बोझ स्वयं उठाना होगा।