नीट परीक्षा में एनटीए की बड़ी गलती: नागपुर के छात्र को मिला अबू धाबी का सेंटर
नीट परीक्षा का दोबारा आयोजन
नागपुर: देशभर में 21 जून को नीट परीक्षा का पुनः आयोजन होने जा रहा है, जिसमें 22 लाख से अधिक छात्र अपनी किस्मत आजमाएंगे। इस बीच, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की एक गंभीर लापरवाही ने परीक्षा की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। नागपुर के एक छात्र को एनटीए ने परीक्षा के लिए सीधे अबू धाबी (यूएई) का सेंटर आवंटित कर दिया है, जबकि उसके पास विदेश जाने के लिए आवश्यक पासपोर्ट भी नहीं है।
परीक्षा केंद्र के विकल्पों की अनदेखी
नागपुर के अब्दुल्लाह मोहम्मद ने नीट पुनर्परीक्षा के लिए आवेदन करते समय नागपुर, वर्धा और भंडारा को प्राथमिकता के रूप में चुना था। पिछले परीक्षा में उन्हें नागपुर में ही केंद्र मिला था। लेकिन इस बार एनटीए ने उनके सभी स्थानीय विकल्पों को नजरअंदाज करते हुए सीधे विदेश में परीक्षा केंद्र आवंटित कर दिया। परीक्षा में कम समय बचा है, जिससे छात्र और उनका परिवार मानसिक तनाव में हैं।
पासपोर्ट के बिना परीक्षा देना असंभव
इस मामले की सबसे बड़ी समस्या यह है कि अब्दुल्लाह के पास पासपोर्ट नहीं है। एक या दो दिन में पासपोर्ट और वीजा की प्रक्रिया पूरी करके यूएई पहुंचना किसी भी छात्र के लिए असंभव है। इस स्थिति पर महाराष्ट्र सरकार के पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता डॉ. अनीस अहमद ने कड़ी नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि एनटीए ने परीक्षा प्रणाली का मजाक बना दिया है और इस गलती को सुधारते हुए तुरंत नया एडमिट कार्ड जारी किया जाना चाहिए।
एनटीए ने तकनीकी गलती मानकर दिया नया एडमिट कार्ड का आश्वासन
इस गड़बड़ी के सामने आने के बाद छात्र ने एनटीए की हेल्पलाइन पर अपनी शिकायत दर्ज कराई। कांग्रेस नेता अनीस अहमद ने भी इस मामले में हस्तक्षेप किया और अधिकारियों से बातचीत की। एनटीए के अधिकारियों ने इस घटना को तकनीकी गलती मानते हुए आश्वासन दिया है कि इसे सुधार लिया जाएगा और छात्र को शाम तक नागपुर का परीक्षा केंद्र देकर नया प्रवेश पत्र जारी किया जाएगा। हालांकि, नया हॉल टिकट मिलने तक छात्र की चिंताएं कम नहीं हो रही हैं।
