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नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह की भारत यात्रा: एजेंडा और महत्व

नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह नवंबर में भारत की यात्रा करने की योजना बना रहे हैं, जो उनकी पहली आधिकारिक द्विपक्षीय यात्रा होगी। इस यात्रा का एजेंडा बुनियादी ढांचे के प्रोजेक्ट्स, सीमा विवाद और बाढ़ के बाद पुनर्निर्माण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्रित है। यह यात्रा राजनीतिक संदर्भ में भी महत्वपूर्ण है, खासकर रबी लामिछाने की हालिया यात्रा के बाद। जानें इस यात्रा के संभावित प्रभाव और योजनाओं के बारे में।
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बालेन्द्र शाह की भारत यात्रा की तैयारी

नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह, जिन्हें बालेन शाह के नाम से भी जाना जाता है, मार्च में पदभार ग्रहण करने के बाद नवंबर में भारत की यात्रा करने की योजना बना रहे हैं। यह यात्रा नवंबर के तीसरे या चौथे सप्ताह में तीन दिनों के लिए होगी और यह उनकी पहली आधिकारिक द्विपक्षीय विदेश यात्रा होगी। हालांकि, उन्होंने सितंबर में संयुक्त राष्ट्र महासभा के लिए अमेरिका का दौरा किया था, जहां उन्होंने नेपाल, बांग्लादेश, भारत और अन्य दक्षिण एशियाई देशों को प्रभावित करने वाले खतरों पर चर्चा की थी। 'द काठमांडू पोस्ट' के अनुसार, उनकी यात्रा का एजेंडा काफी व्यापक होगा, जिसमें बुनियादी ढांचे के बड़े प्रोजेक्ट्स, सीमा विवाद और बाढ़ के बाद पुनर्निर्माण जैसे मुद्दे शामिल हो सकते हैं.


नेपाल के प्रधानमंत्रियों की परंपरा

परंपरागत रूप से, नेपाल के प्रधानमंत्रियों के लिए भारत पहली विदेशी यात्रा का गंतव्य रहा है। लेकिन 2008 में पुष्प कमल दहल प्रचंड ने चीन को चुना, 2011 में झालानाथ खनाल तुर्की गए, और 2021 में शेर बहादुर देउबा ने ब्रिटेन का दौरा किया। ओली ने अपनी पहली विदेश यात्रा के लिए चीन को चुना, जिससे 'भारत-प्रथम' की परंपरा को तोड़ा गया। बालेन शाह की यात्रा का समय महत्वपूर्ण है, क्योंकि वे पहले भारत और चीन के राजनयिकों से बातचीत में हिचकिचाते थे। यह यात्रा अगस्त में आई बाढ़ के बाद हो रही है, जब भारत ने नेपाल में राहत सामग्री भेजी थी.


बालेन शाह की यात्रा का राजनीतिक संदर्भ

बालेन शाह की प्रस्तावित यात्रा, जून में नेपाल की सत्ताधारी पार्टी 'राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी' (RSP) के अध्यक्ष रबी लामिछाने की नई दिल्ली की यात्रा के बाद हो रही है। लामिछाने का भाजपा मुख्यालय में स्वागत किया गया था, जिससे यह संकेत मिलता है कि यह यात्रा राजनीतिक संदेश देने का भी एक माध्यम हो सकती है। नेपाल के वरिष्ठ पत्रकार केशव प्रधान ने बताया कि यह स्वागत नेपाली प्रधानमंत्री के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संकेत था.


भारत दौरे के दौरान बालेन शाह के एजेंडे में क्या शामिल है?

'द काठमांडू पोस्ट' की 15 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार, दोनों देशों के अधिकारियों ने उन परियोजनाओं की सूची साझा की है, जिनका उद्घाटन या शुरुआत बालेन शाह की यात्रा के दौरान की जा सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक, शाह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत कर सकते हैं और भारत के वरिष्ठ मंत्रियों से भी मुलाकात कर सकते हैं। कई समझौतों और सहमति पत्रों (MoU) पर चर्चा की जा रही है। जिन परियोजनाओं का उद्घाटन हो सकता है, उनमें काठमांडू के दक्षिण-पूर्व में पनौती स्थित 'नेपाल पुलिस अकादमी', सुनौली बॉर्डर के पास 'भैरहवा इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट', और पश्चिमी नेपाल के दारचुला जिले में महाकाली नदी पर बने पुल शामिल हैं.