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नेपाल में विनाशकारी बाढ़ से मरने वालों की संख्या 1,003 तक पहुंची

नेपाल में अचानक आई विनाशकारी बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है, जिसमें मरने वालों की संख्या 1,003 तक पहुंच गई है। लगभग 4,000 लोग अब भी लापता हैं, जिनमें विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। बचाव कार्य जारी है, लेकिन रुक-रुक कर हो रही बारिश और बढ़ते जलस्तर के कारण मुश्किलें बढ़ रही हैं। नेपाल सरकार ने सुरक्षा उपायों के तहत हजारों सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया है। जानें इस आपदा की पूरी जानकारी और बचाव कार्य की स्थिति के बारे में।
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नेपाल में बाढ़ की स्थिति

काठमांडू, 1 सितंबर: नेपाल में अचानक आई विनाशकारी बाढ़ के चलते सुरक्षाबलों ने आठ जिलों से और शवों की बरामदगी की है, जिससे मरने वालों की संख्या मंगलवार को 1,003 हो गई। अधिकारियों ने इस बारे में जानकारी दी। बचावकर्मियों को रुक-रुक कर हो रही बारिश और कई जिलों में नदियों के जलस्तर में वृद्धि के कारण फंसे लोगों का पता लगाने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।


लापता लोगों की संख्या

इस बीच, बाढ़ के नए चेतावनी जारी की गई है। राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीआरआरएमए) के अनुसार, लगभग 4,000 लोग अब भी लापता हैं, जिनमें 583 विदेशी नागरिक और कई सुरक्षाकर्मी शामिल हैं। वहीं, करीब 12,000 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। 26 अगस्त को नेपाल-तिब्बत सीमा के निकट बर्फ और चट्टानों के खिसकने से अचानक आई बाढ़ ने उत्तरी और मध्य नेपाल के कस्बों और गांवों में भारी तबाही मचाई।


बाढ़ का प्रभाव

भोटेकोशी नदी, जो हिमालयी क्षेत्र से बहती है, ने बाढ़ का पानी निचले इलाकों में पहुंचा दिया, जिससे घर, वाहन, सड़कें और पुल बह गए। इसके अलावा, जलविद्युत परियोजनाओं को भी नुकसान हुआ। चीनी मीडिया के अनुसार, इस आपदा में चीन में भी 16 लोगों की मौत हुई है, जबकि तिब्बत में लगभग 550 लोग अब भी लापता हैं। एनडीआरआरएमए के अनुसार, चितवन जिले में सबसे अधिक 321 शव बरामद किए गए हैं।


नए अलर्ट जारी

इसके बाद नवलपरासी ईस्ट में 216, नवलपरासी वेस्ट में 170, नुवाकोट में 95, गोरखा में 65, धाडिंग में 57, रसुवा में 41 और तनहुन में 38 शव बरामद किए गए। नेपाल में प्राधिकारियों ने मंगलवार को पूर्वी, मध्य और पश्चिमी हिस्सों के कई जिलों में बाढ़ के खतरे को लेकर नया अलर्ट जारी किया है। एनडीआरआरएमए ने नदियों के आसपास रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और एहतियाती कदम उठाने की अपील की है।


बाढ़ की चेतावनी

प्राधिकरण के अनुसार, पश्चिमी नेपाल के गोरखा, लमजुंग, डोल्पा, रुकुम पूर्व, रुकुम पश्चिम, जाजरकोट, दार्चुला, बैतड़ी, डडेलधुरा, डोटी, कैलाली और कंचनपुर जिलों के लिए भी अलर्ट जारी किया गया है। एनडीआरआरएमए ने मौसम के पूर्वानुमान को देखते हुए नदी किनारे और अन्य संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और आवश्यक एहतियाती उपाय करने की अपील की है।


सुरक्षा उपाय

नेपाल सरकार ने खोज और बचाव अभियानों के लिए 21,000 से अधिक सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया है। फंसे हुए लोगों को निकालने और राहत सामग्री पहुंचाने के लिए हेलीकॉप्टर लगातार उड़ान भर रहे हैं। बाढ़ में कई पुल और प्रमुख सड़कें बह गई हैं, जिनमें से एक नेपाल का चीन के साथ मुख्य जमीनी व्यापार मार्ग था।


यातायात व्यवस्था में बदलाव

काठमांडू को अन्य हिस्सों से जोड़ने वाले पृथ्वी और त्रिभुवन राजमार्गों पर एकतरफा यातायात व्यवस्था लागू की गई है। नई व्यवस्था के तहत, काठमांडू से हेटौडा जाने वाले वाहनों को विशेष मार्ग का उपयोग करने का निर्देश दिया गया है। हेटौडा से काठमांडू जाने वाले वाहनों को भी एक विशेष मार्ग से जाने के लिए कहा गया है। यह व्यवस्था धादिंग जिले में बाढ़ के कारण राजमार्ग के कुछ हिस्सों के बह जाने के बाद लागू की गई है।