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नोएडा में गार्डेनिया गेटवे सोसायटी में छत का प्लास्टर गिरने से हड़कंप

नोएडा की गार्डेनिया गेटवे सोसायटी में एक फ्लैट की छत का प्लास्टर गिरने से हड़कंप मच गया। घटना के समय कमरे में मौजूद व्यक्ति की सजगता से बड़ा हादसा टल गया। निवासियों ने पूरे परिसर का स्ट्रक्चरल ऑडिट कराने की मांग की है, क्योंकि हाल के महीनों में ऐसी घटनाएं बढ़ी हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि घटिया निर्माण सामग्री के कारण ये समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। किरायेदारों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
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घटना का विवरण

नोएडा: गौतमबुद्ध नगर में करोड़ों रुपये की लागत से बने बिल्डर फ्लैट अब लोगों के लिए चिंता का विषय बनते जा रहे हैं। ग्रेटर नोएडा के बाद, नोएडा की एक और हाईराइज सोसायटी में छत का प्लास्टर गिरने की घटना सामने आई है। सेक्टर-75 में स्थित गार्डेनिया गेटवे सोसायटी के एक फ्लैट में बेडरूम की छत का एक बड़ा हिस्सा अचानक गिर गया। सौभाग्य से, घटना के कुछ मिनट पहले ही कमरे में मौजूद व्यक्ति वहां से बाहर निकल गया था, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।


घटनास्थल की जानकारी

यह घटना गार्डेनिया गेटवे सोसायटी के टावर C-2 के फ्लैट नंबर-1814 में हुई। बताया गया है कि फ्लैट के बेडरूम की छत से प्लास्टर का एक बड़ा हिस्सा अचानक गिर गया। जिस समय यह घटना हुई, उस समय कमरे में एक व्यक्ति बिस्तर से उठकर बाहर चला गया था। यदि वह वहीं मौजूद होता, तो गंभीर परिणाम हो सकते थे। फ्लैट के मालिक राकेश खोकर हैं, जिन्होंने इसे किराए पर दिया हुआ है।


स्थानीय निवासियों की चिंताएँ

घटना की सूचना मिलने के बाद, बिल्डर ने मरम्मत के लिए कर्मचारी भेजे, लेकिन सोसायटी के निवासियों ने उन्हें वापस लौटा दिया। उनका कहना है कि केवल एक फ्लैट की मरम्मत से समस्या का समाधान नहीं होगा। पूरे परिसर का स्ट्रक्चरल ऑडिट कराया जाना चाहिए, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि अन्य फ्लैट भी ऐसे ही खतरे में नहीं हैं।


पिछले घटनाक्रम

हाल के महीनों में ग्रेटर नोएडा और नोएडा की कई सोसायटियों में प्लास्टर और छत के हिस्से गिरने की घटनाएं सामने आई हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि कई बिल्डरों ने निर्माण के दौरान घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया और गुणवत्ता से समझौता किया, जिसका खामियाजा अब निवासी भुगत रहे हैं।


किरायेदारों की सुरक्षा

निवासियों का कहना है कि दिल्ली-एनसीआर में किराये का बाजार लगातार बढ़ रहा है। मकान मालिक हर साल किराया बढ़ाने में पीछे नहीं रहते, लेकिन फ्लैटों की नियमित मरम्मत और रखरखाव पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जाता। उनका कहना है कि किरायेदारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी मकान मालिकों और बिल्डर की जिम्मेदारी है।