पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट का महत्वपूर्ण फैसला: रिटायर कर्मचारियों के पेंशन अधिकारों पर
पेंशन अधिकारों पर हाई कोर्ट का निर्णय
पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने रिटायर कर्मचारियों के पेंशन अधिकारों से संबंधित एक महत्वपूर्ण मामले में निर्णय सुनाया है। अदालत ने यह स्पष्ट किया कि जिला बोर्ड के अधीन की गई सेवा को केवल इस आधार पर पेंशन की गणना से बाहर नहीं किया जा सकता कि उस समय कर्मचारी ने कान्ट्रिब्यूटरी प्रोविडेंट फंड में योगदान नहीं दिया था। कोर्ट ने पंजाब सरकार की अपील को खारिज करते हुए निचली अदालतों के निर्णयों को सही ठहराया।
69 साल पुराना विवाद
यह मामला लुधियाना के हरदयाल सिंह की सेवा अवधि से संबंधित था, जिन्होंने 1953 से 1957 तक जिला बोर्ड के स्कूलों में कार्य किया। जब इन स्कूलों का पंजाब सरकार में विलय हुआ, तब वह सरकारी कर्मचारी बन गए। रिटायरमेंट के समय उनकी प्रारंभिक सेवा अवधि को पेंशन में शामिल नहीं किया गया।
रिटायरमेंट बेनिफिट्स में कमी
हरदयाल सिंह 1986 में हेडमास्टर के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। उनकी सेवा अवधि कम माने जाने के कारण उन्हें पेंशन, ग्रेच्युटी, अवकाश नकदीकरण और अन्य रिटायरमेंट लाभ पूरे नहीं मिले। इसके बाद उन्होंने अदालत का दरवाजा खटखटाया, जहां ट्रायल कोर्ट और पहली अपीलीय अदालत ने पहले ही उनके पक्ष में निर्णय दिया था।
सरकार की दलील को अस्वीकार किया
पंजाब सरकार ने हाई कोर्ट में तर्क दिया कि संबंधित अवधि पेंशन योग्य नहीं थी, क्योंकि कर्मचारी ने उस समय कान्ट्रिब्यूटरी प्रोविडेंट फंड में योगदान नहीं किया था। सरकार ने सेवा नियमों का हवाला देकर पूर्व सेवा को पेंशन में शामिल न करने की मांग की, लेकिन अदालत ने इस तर्क को स्वीकार नहीं किया।
एडहाक सेवा पर अदालत की टिप्पणी
हाई कोर्ट ने कहा कि नियमों में कहीं भी यह नहीं लिखा गया है कि प्रोविडेंट फंड की सदस्यता न होने पर सेवा अवधि अमान्य हो जाएगी। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि पेंशन की गणना करते समय एडहाक सेवा को भी शामिल किया जा सकता है। इसलिए कर्मचारी को उसका वैध लाभ मिलना चाहिए।
अन्य कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण निर्णय
यह निर्णय उन कर्मचारियों के लिए भी महत्वपूर्ण है, जिनकी प्रारंभिक सेवा विभिन्न संस्थानों में रही और बाद में सरकारी सेवा में विलय हो गई। अदालत के इस फैसले से ऐसे मामलों में पेंशन अधिकारों को लेकर स्पष्टता बढ़ेगी और भविष्य में समान विवादों के समाधान में मदद मिलेगी।
