पंजाब कांग्रेस का बड़ा प्रदर्शन: चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग
पंजाब कांग्रेस का विशाल प्रदर्शन
पंजाब कांग्रेस ने शुक्रवार को चंडीगढ़ में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और बर्खास्तगी की मांग को लेकर एक बड़ा प्रदर्शन आयोजित किया। कांग्रेस कार्यकर्ता भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) कार्यालय से चुनाव आयोग के दफ्तर की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें भारी बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया।
पुलिस का कड़ा रुख
जब प्रदर्शनकारी बैरिकेड्स को तोड़ने की कोशिश करने लगे, तो पुलिस के साथ उनकी तीखी झड़प हुई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को वॉटर कैनन का सहारा लेना पड़ा। इसके बावजूद, कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए आगे बढ़ने का प्रयास करते रहे।
राजा वड़िंग का अनोखा विरोध
इस विरोध मार्च का नेतृत्व पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग कर रहे थे। जब पुलिस ने कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेना शुरू किया, तो वड़िंग ने एक बस की छत पर चढ़कर 'वोट काटने वाले ज्ञानेश कुमार गिरफ्तार हों' के नारे लगाए। इस प्रदर्शन में महिला कांग्रेस की कार्यकर्ता भी शामिल थीं, जिन्होंने होर्डिंग्स थाम रखे थे।
मतदाता सूची पर उठाए सवाल
राजा वड़िंग ने मार्च से पहले यह मांग की कि आगामी विधानसभा चुनावों तक मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को तुरंत रोक दिया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि नए फॉर्म-6 की जटिलताओं के कारण कई नए मतदाता पंजीकरण से वंचित रह गए हैं और लाखों योग्य मतदाताओं के नाम हटने का खतरा है। वड़िंग ने कहा कि चुनाव 2024 की लोकसभा चुनाव वाली मतदाता सूची के आधार पर ही कराए जाने चाहिए।
चुनाव आयुक्तों की आपत्ति पर विवाद
यह विवाद एक मीडिया रिपोर्ट के बाद शुरू हुआ, जिसमें कहा गया था कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में SIR, फॉर्म-6 और डेटाबेस से संबंधित मुद्दों पर 14 बार लिखित आपत्तियां दर्ज की थीं। हालांकि, चुनाव आयोग ने इन दावों का खंडन करते हुए कहा कि बहु-सदस्यीय संस्था में विभिन्न राय आना स्वाभाविक है और आयोग के सभी निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए थे।
