पंजाब की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सीएम का प्रयास
महिलाओं को सशक्त बनाने की पहल
पंजाब सरकार महिलाओं को अधिक अधिकार और अवसर प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा है कि राज्य की बेटियां हर क्षेत्र में सफलता की नई ऊंचाइयों को छू रही हैं। उन्होंने यह भी बताया कि महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण के लिए मावां-धीयां सत्कार योजना के तहत 75 लाख से अधिक महिलाओं को हर महीने 1,000 से 1,500 रुपये दिए जा रहे हैं। इसके अलावा, 29,000 स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी 3 लाख महिलाओं को 631 करोड़ रुपये के ब्याज-मुक्त ऋण भी उपलब्ध कराए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ये प्रयास न केवल एक मजबूत पंजाब के निर्माण में सहायक हैं, बल्कि तीयां दा मेला जैसे उत्सव भी पंजाब की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
संस्कृति और परंपराओं का महत्व
मुख्यमंत्री ने तीयां दा मेला को पंजाब की सांस्कृतिक धरोहर और लोक परंपराओं का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि यह उत्सव युवाओं को पारंपरिक रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ने का एक प्रयास है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि आज के डिजिटल युग में बच्चों और युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है।
महिलाओं की सफलता की कहानी
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि पंजाब की महिलाएं शिक्षा, खेल, प्रशासन, व्यापार, कला और कृषि जैसे क्षेत्रों में सफलता प्राप्त कर रही हैं। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से महिलाएं अपनी प्रतिभा को प्रदर्शित करने और आत्मविश्वास बढ़ाने का अवसर प्राप्त कर रही हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि लोकगीतों और लोक साहित्य ने पंजाबी भाषा और सांस्कृतिक परंपराओं को एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। तीयां दा मेला पंजाब के लोगों को अपनी विरासत से जोड़ने और सांस्कृतिक गतिविधियों को युवा पीढ़ी तक पहुंचाने का एक प्रयास है।
