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पंजाब की राजनीति में इकबाल सिंह संधू का इस्तीफा: क्या होगा अगला कदम?

पंजाब की राजनीति में शिरोमणि अकाली दल के राष्ट्रीय महासचिव इकबाल सिंह संधू ने इस्तीफा देकर संगठन से नाता तोड़ लिया है। उनके इस्तीफे के बाद राजनीतिक हलकों में उनके अगले कदम को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। संधू का राजनीतिक सफर उतार-चढ़ाव से भरा रहा है, जिसमें उन्होंने पार्टी में वापसी की और कई बार चुनाव लड़ने की इच्छा जताई। अब सभी की नजरें इस बात पर हैं कि वह आगे क्या कदम उठाएंगे।
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पंजाब में अकाली दल को झटका


चंडीगढ़: पंजाब की राजनीतिक स्थिति में शिरोमणि अकाली दल को एक बड़ा झटका लगा है। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव इकबाल सिंह संधू ने प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देकर संगठन से अपने संबंध समाप्त कर लिए हैं। संधू लंबे समय से अकाली दल के एक प्रमुख चेहरे रहे हैं और तरनतारन क्षेत्र में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है। उनके इस्तीफे के बाद राजनीतिक हलकों में उनके अगले कदम को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।


राजनीतिक यात्रा की शुरुआत

इकबाल सिंह संधू ने 1996 में पूर्व मंत्री सुच्चा सिंह लंगाह के माध्यम से शिरोमणि अकाली दल में कदम रखा। उनका मूल निवास गांव मथरेवाल है। प्रकाश सिंह बादल के नेतृत्व में उन्हें एसएस बोर्ड का सदस्य बनाया गया था और बाद में उन्होंने जिले के युवा विंग की जिम्मेदारी भी संभाली।


सफर में उतार-चढ़ाव

अपने राजनीतिक करियर में संधू को एक बार पार्टी से निष्कासित भी किया गया था। उस समय उन पर दिवंगत सांसद रंजीत सिंह ब्रह्मपुरा के क्षेत्र में दखल देने का आरोप लगा था। हालांकि, बाद में उन्होंने पार्टी में वापसी की और सुखबीर सिंह बादल ने उन्हें राष्ट्रीय महासचिव और वर्किंग कमेटी का सदस्य नियुक्त किया।


टिकट की उम्मीदें और बदलते हालात

इकबाल सिंह संधू ने तरनतारन और खडूर साहिब विधानसभा क्षेत्रों से कई बार चुनाव लड़ने की इच्छा जताई। 2025 में तरनतारन उपचुनाव के दौरान भी वह टिकट के प्रमुख दावेदार थे, लेकिन पार्टी ने सुखविंदर कौर रंधावा को उम्मीदवार बनाया। इसके बाद राजनीतिक समीकरण में बदलाव देखने को मिला।


सक्रियता में कमी

उपचुनाव के बाद जब कंचनप्रीत कौर रंधावा को हलका इंचार्ज बनाया गया, तो संधू की राजनीतिक सक्रियता में कमी आने लगी। पार्टी के कार्यक्रमों में उनकी उपस्थिति भी घट गई। इसी बीच उनके इस्तीफे की खबर ने राजनीतिक चर्चाओं को और बढ़ावा दिया।


अगले कदम पर नजरें

सूत्रों के अनुसार, इकबाल सिंह संधू आने वाले दिनों में किसी अन्य राजनीतिक दल का रुख कर सकते हैं। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया है कि वह अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं की राय लेने के बाद ही आगे का निर्णय करेंगे। इस स्थिति में सभी की नजर उनके अगले राजनीतिक कदम पर टिकी हुई है।