पंजाब पुलिस ने पूर्व एसएचओ गुरिंदरजीत नागरा को गिरफ्तार किया
गुरिंदरजीत नागरा की गिरफ्तारी
पंजाब पुलिस ने टांडा पुलिस स्टेशन के पूर्व एसएचओ, गुरिंदरजीत सिंह नागरा को गिरफ्तार किया है। उन पर जबरन वसूली, भ्रष्टाचार और अपने पद का दुरुपयोग करने के गंभीर आरोप हैं। गिरफ्तारी के बाद, उन्हें दसूहा अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया। इस मामले की जांच पहले से ही विशेष निगरानी में चल रही थी।
उगाही के आरोप
पुलिस के अनुसार, नागरा पर एक भारतीय मूल के परिवार को धमकाकर बड़ी रकम वसूलने का आरोप है। यह मामला तब और गंभीर हो गया जब अमेरिका के न्याय विभाग ने नागरा का नाम एक अंतरराष्ट्रीय उगाही नेटवर्क से जोड़ा। जांच एजेंसियों का कहना है कि आरोपी के खिलाफ उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्यवाही जारी रहेगी।
हत्या के मामले का कथित फायदा
यह मामला मियानी गांव में आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता बलविंदर सिंह की हत्या के बाद सामने आया। आरोप है कि पीड़ित परिवार की जानकारी अपराधियों के जरिए नागरा तक पहुंची। इसके बाद परिवार को हत्या के मामले में फंसाने की धमकी देकर 4 लाख डॉलर की मांग की गई। जांच में यह भी सामने आया कि परिवार से 16 लाख रुपये कथित रूप से अवैध तरीके से वसूले गए।
अमेरिका में कार्रवाई की तैयारी
अमेरिकी न्याय विभाग ने हाल ही में स्पष्ट किया था कि गुरिंदरजीत नागरा के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी की जा रही है। वहां उन पर उगाही की साजिश और विदेशी व्यापार में बाधा पहुंचाने जैसे आरोपों में मुकदमा चलाने की योजना है। इस कारण मामला अब केवल भारत तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा में है।
जांच में मिले महत्वपूर्ण सबूत
जालंधर रेंज के डीआईजी नवीन सिंगला ने बताया कि आरोप सामने आने के बाद नागरा को तुरंत एसएचओ पद से हटा दिया गया था। निष्पक्ष जांच के लिए एक अन्य जिले में तैनात आईपीएस अधिकारी को जिम्मेदारी दी गई। जांच के दौरान पीड़ित परिवार से अवैध वसूली और 16 लाख रुपये लेने से जुड़े पर्याप्त साक्ष्य मिलने का दावा किया गया है।
भ्रष्टाचार और उगाही की धाराएं
पुलिस ने हत्या के पहले से दर्ज मामले में गुरिंदरजीत नागरा को भी आरोपी बनाया है। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 और 13 के साथ भारतीय न्याय संहिता की धारा 308 के तहत भी कार्यवाही की जा रही है। आरोपी अधिकारी को पहले ही निलंबित किया जा चुका है और विभागीय जांच भी तेजी से आगे बढ़ रही है।
