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पंजाब महिला आयोग ने चितकारा यूनिवर्सिटी मामले में रिपोर्ट मांगी

पंजाब राज्य महिला आयोग ने चितकारा यूनिवर्सिटी में वायरल खबरों और छात्रों के विरोध प्रदर्शन पर संज्ञान लिया है। आयोग ने छात्राओं की सुरक्षा और लापता होने के दावों की सच्चाई के लिए संबंधित पुलिस और यूनिवर्सिटी प्रबंधन से रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने 30 सितंबर तक रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है, जिसमें चार प्रमुख बिंदुओं पर जानकारी मांगी गई है। जानें इस मामले में क्या हुआ और आयोग ने क्या कदम उठाए हैं।
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चितकारा यूनिवर्सिटी में छात्रों के विरोध पर आयोग का संज्ञान


पंजाब राज्य महिला आयोग ने चितकारा यूनिवर्सिटी से जुड़ी वायरल खबरों और छात्रों के प्रदर्शन पर ध्यान दिया है। आयोग ने छात्राओं की सुरक्षा, लापता होने के दावों और वायरल सूचनाओं की सच्चाई के संबंध में पटियाला के पुलिस अधिकारियों और यूनिवर्सिटी प्रबंधन से तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है।


रिपोर्ट पेश करने की समय सीमा

आयोग ने 30 सितंबर तक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। आयोग के पत्र में कहा गया है कि चितकारा यूनिवर्सिटी में छात्राओं से संबंधित कुछ जानकारियाँ मीडिया और इंटरनेट पर आई हैं, जिसके बाद छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया।


पुलिस और यूनिवर्सिटी से जानकारी की मांग

मामले की गंभीरता को देखते हुए आयोग ने पुलिस और यूनिवर्सिटी प्रबंधन से घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी मांगी है। आयोग ने यह भी पूछा है कि छात्राओं की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए गए हैं।


चार मुख्य बिंदुओं पर रिपोर्ट

आयोग ने अधिकारियों से चार प्रमुख बिंदुओं पर रिपोर्ट मांगी है:


पहला: क्या यूनिवर्सिटी कैंपस या हॉस्टल में किसी छात्रा के लापता होने या किसी अप्रिय घटना की पुलिस में शिकायत दर्ज हुई है, और यदि हाँ, तो उस पर क्या कार्रवाई की गई?


दूसरा: छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान स्थिति को संभालने के लिए यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने क्या प्रयास किए?


तीसरा: मीडिया और सोशल मीडिया पर वायरल खबरों की सच्चाई की जांच के लिए पुलिस ने क्या कदम उठाए और तथ्यात्मक स्थिति क्या है?


चौथा: छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यूनिवर्सिटी ने क्या कदम उठाए हैं?


रिपोर्ट की समय सीमा

पंजाब राज्य महिला आयोग ने संबंधित अधिकारियों को 30 सितंबर तक रिपोर्ट आयोग के समक्ष पेश करने का निर्देश दिया है। आयोग की रिपोर्ट में यह स्पष्ट करने को कहा गया है कि वायरल दावों में कितनी सच्चाई थी और छात्राओं की सुरक्षा के लिए यूनिवर्सिटी और पुलिस ने क्या कदम उठाए।


चितकारा यूनिवर्सिटी में घटनाएँ

25-26 सितंबर 2026 की रात को सोशल मीडिया पर चितकारा यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में भूत होने और छात्राओं के सुसाइड या लापता होने की अफवाहें फैली थीं। इन दावों के बाद बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं आधी रात को हॉस्टल से बाहर निकल आए और कैंपस में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को बुलाया गया, जिसके बाद प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प की खबरें आईं।


बाद में, पुलिस और यूनिवर्सिटी प्रशासन ने आधिकारिक तौर पर बताया कि आत्महत्या या छात्राओं के गायब होने जैसी कोई घटना नहीं हुई थी। अधिकारियों के अनुसार, सोशल मीडिया पर वायरल दावे केवल अफवाहें थीं। अब महिला आयोग ने पूरे मामले की तथ्यात्मक स्थिति स्पष्ट करने के लिए रिपोर्ट मांगी है।