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पंजाब में अनधिकृत कॉलोनियों के लिए नए नियमों की घोषणा

पंजाब सरकार ने अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वाले लोगों के लिए नए नियमों की घोषणा की है, जिससे नियमितीकरण की प्रक्रिया को सरल बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह निर्णय लिया गया। नए नियमों के तहत, योग्य कॉलोनियों को नियमित कराने की प्रक्रिया में सुधार किया गया है, जिससे हजारों परिवारों को कानूनी सुरक्षा और संपत्ति से संबंधित सुविधाओं का लाभ मिलेगा। आवेदन की अंतिम तिथि 30 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है।
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पंजाब सरकार का महत्वपूर्ण निर्णय


पंजाब सरकार ने अनधिकृत कॉलोनियों में निवास करने वाले लोगों को राहत देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में पंजाब अपार्टमेंट और प्रॉपर्टी रेगुलेशन नियमों में संशोधन को मंजूरी दी गई है। नए नियमों के अनुसार, योग्य कॉलोनियों के नियमितीकरण की प्रक्रिया को सरल बनाया जाएगा, जिससे हजारों परिवारों को कानूनी सुरक्षा और संपत्ति से संबंधित सुविधाओं का लाभ मिलेगा।


नियमों में महत्वपूर्ण परिवर्तन

कैबिनेट के निर्णय के अनुसार, अब ऐसी अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित किया जा सकेगा, जिनमें कम से कम 25 प्रतिशत प्लॉट पहले से विकसित हैं। आवेदन कॉलोनी के प्रमोटर या रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के माध्यम से प्रस्तुत किए जा सकेंगे। संशोधित नियम नोटिफाइड स्थानीय योजना क्षेत्रों और मास्टर प्लान के अंतर्गत कृषि भूमि पर स्थित योग्य कॉलोनियों पर लागू होंगे।


आवेदन की अंतिम तिथि

सरकार ने नए नियमों के तहत आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 30 सितंबर 2026 निर्धारित की है। जिन कॉलोनियों के आवेदन पहले की नियमितीकरण नीतियों के तहत अस्वीकृत हो चुके थे, वे अब पुनः आवेदन कर सकेंगी। पूर्ण और सही आवेदन प्राप्त होने पर 30 दिनों के भीतर अस्थायी नियमितीकरण प्रमाणपत्र जारी करने का प्रावधान है।


शुल्क और प्रमाणपत्र की प्रक्रिया

आवासीय और औद्योगिक कॉलोनियों के लिए कुल क्षेत्रफल की प्रचलित कलेक्टर दर का पांच प्रतिशत कंपाउंडिंग शुल्क देना होगा। वाणिज्यिक कॉलोनियों के लिए यह शुल्क वाणिज्यिक कलेक्टर दर का 10 प्रतिशत निर्धारित किया गया है। निर्धारित शुल्क का भुगतान करने के बाद, प्लॉट धारक अपने प्लॉट का नियमितीकरण प्रमाणपत्र प्राप्त कर सकेंगे।


प्लॉट मालिकों को मिलने वाले लाभ

अस्थायी नियमितीकरण प्रमाणपत्र जारी होने और निर्धारित शुल्क का भुगतान करने के बाद, व्यक्तिगत प्लॉट धारक भवन निर्माण की मंजूरी लेने और अपने प्लॉट का पंजीकरण कराने के लिए पात्र होंगे। इससे लंबे समय से कानूनी समस्याओं का सामना कर रहे हजारों लोगों को राहत मिलने की संभावना है।


सरकार की जिम्मेदारियां

कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि सरकार का उद्देश्य योग्य कॉलोनियों को नियमित कर नागरिकों को सुविधाएं प्रदान करना है। जहां आवेदन रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के माध्यम से किए जाएंगे, वहां संबंधित एसोसिएशन या प्रमोटर सभी आवश्यक मंजूरियां, अनापत्ति प्रमाणपत्र और लंबित विकास कार्य समय पर पूरा करने के लिए जिम्मेदार होंगे।