पंजाब में ईपीएफ वेतन सीमा बढ़ी, दो लाख कर्मचारियों को मिलेगा लाभ
केंद्र सरकार का नया फैसला
पंजाब: केंद्र सरकार ने कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) की वेतन सीमा को 15 हजार रुपये से बढ़ाकर 25 हजार रुपये प्रति माह कर दिया है। इस निर्णय से 15 हजार रुपये से अधिक और 25 हजार रुपये तक कमाने वाले कर्मचारी अब अनिवार्य रूप से ईपीएफ के सामाजिक सुरक्षा कवरेज में शामिल होंगे। इस बदलाव से पंजाब में लगभग दो लाख कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलने की संभावना है।
ईपीएफ योगदान की दर में कोई बदलाव नहीं
ईपीएफ में कर्मचारी और नियोक्ता दोनों का योगदान 12-12 प्रतिशत बना रहेगा। केवल अनिवार्य कवरेज की वेतन सीमा में वृद्धि की गई है। पहले, 15 हजार रुपये से अधिक वेतन वाले कर्मचारियों के लिए ईपीएफ वैकल्पिक था, जिससे कई कर्मचारी इस दायरे से बाहर रह जाते थे। अब, 25 हजार रुपये तक वेतन पाने वाले कर्मचारियों का ईपीएफ अनिवार्य रूप से कटेगा।
उद्योग पर बढ़ेगा खर्च
लेकिन इंडस्ट्री की लागत बढ़ने की आशंका
ईपीएफओ के केंद्रीय बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज के पूर्व कार्यकारिणी सदस्य और वर्ल्ड एमएसएमई फोरम के अध्यक्ष बदीश जिंदल ने कहा कि इस सीमा में वृद्धि से पंजाब के लगभग दो लाख कर्मचारियों को लाभ होगा। हालांकि, नियोक्ताओं को भी 12 प्रतिशत का योगदान देना होगा। उन्होंने बताया कि 25 हजार रुपये वेतन वाले कर्मचारी पर उद्यमी का कुल खर्च लगभग 28 हजार रुपये हो जाएगा, जिससे प्रति कर्मचारी लगभग तीन हजार रुपये का अतिरिक्त बोझ बढ़ेगा।
पंजाब में न्यूनतम वेतन पहले से ही 16 हजार रुपये से अधिक है, इसलिए पहले कई कर्मचारी ईपीएफ के दायरे से बाहर रह जाते थे। अब नई सीमा के साथ वे स्वतः शामिल हो जाएंगे। इसके अलावा, नियोक्ता को कर्मचारी का छह प्रतिशत ईएसआई योगदान भी देना होगा, जो लागत को और बढ़ाता है।
उद्योग जगत ने इस निर्णय पर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि छोटे और मध्यम उद्यमों पर खर्च का दबाव बढ़ेगा। कर्मचारियों को लंबे समय में रिटायरमेंट और सामाजिक सुरक्षा का लाभ अवश्य मिलेगा, लेकिन वर्तमान में नियोक्ताओं को अतिरिक्त लागत का सामना करना पड़ेगा।
