पंजाब में जनगणना-2027 की तैयारी पर मुख्य सचिव की बैठक
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बैठक
चंडीगढ़- पंजाब के मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा ने आज जनगणना-2027 के लिए राज्य स्तरीय जनगणना समन्वय कमेटी (एस.एल.सी.सी.सी.) की चौथी बैठक का आयोजन किया।
बैठक में राज्य के नोडल अधिकारी घनश्याम थोरी और एस.एल.सी.सी.सी. के सभी सदस्य उपस्थित रहे। इसके साथ ही सभी उपायुक्त और नगर निगमों के आयुक्त, जो प्रधान जनगणना अधिकारी (पी.सी.ओज़.) हैं, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।
निर्देश और समयसीमा
मुख्य सचिव ने पी.सी.ओज़ की सराहना की और उन्हें निर्देश दिए कि फील्ड ट्रेनरों की सूची 15 सितंबर, 2026 तक और इन्यूमरेशन ब्लॉकों तथा सुपरवाइजरों/इन्यूमरेटरों की सूची 30 सितंबर, 2026 तक अंतिम रूप दी जाए। उन्होंने यह भी कहा कि दूसरे चरण की सभी तैयारियां 10 नवंबर, 2026 से पहले पूरी होनी चाहिए।
जनगणना कार्य की योजना
बैठक में इन्यूमरेशन ब्लॉकों के गठन, बेघर लोगों और संस्थागत परिवारों की गणना पर चर्चा की गई। पी.सी.ओज़, एस.डी.एमज़ और चार्ज अधिकारियों की भूमिकाओं को स्पष्ट किया गया। चेयरमैन ने कहा कि जनगणना ड्यूटी से छूट केवल एस.डी.एम. स्तर से ऊपर के अधिकारियों द्वारा दी जाएगी।
पी.सी.ओज़ को निर्देश दिए गए कि वे सभी क्षेत्रों की पूर्ण कवरेज सुनिश्चित करें और बेघर आबादी की गणना के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करें।
बजट और प्रचार-प्रसार
मुख्य सचिव ने प्रशासनिक सचिव को निर्देश दिया कि पहले चरण में कार्यरत सभी जनगणना कर्मचारियों को प्राथमिकता के आधार पर मानदेय का भुगतान किया जाए। इसके अलावा, जनसंख्या गणना के दूसरे चरण के लिए बजट की आवश्यकता का आकलन कर समय पर धनराशि जारी करने के लिए भारत के रजिस्ट्रार जनरल को भेजा जाए।
डिजिटल जनगणना की तैयारी
बैठक में यह भी बताया गया कि जनगणना-2027 देश की पहली डिजिटल जनगणना होगी, जो मोबाइल ऐप और स्व-गणना पोर्टल के माध्यम से संचालित की जाएगी। पी.सी.ओज़ को जिला-वार स्व-गणना योजनाएं तैयार करने के निर्देश दिए गए।
