पंजाब में जहरीले रसायनों की खुदरा बिक्री पर रोक लगाने की मांग
पंजाब सरकार की नई पहल
पंजाब के वित्त एवं आबकारी मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा है कि नीति आयोग का रणनीतिक रोडमैप भारत की मेथनॉल उत्पादन क्षमता को बढ़ाने में सहायक है। उन्होंने बताया कि एथाइल और मिथाइल अल्कोहल की आपूर्ति श्रृंखला को अलग करना आवश्यक है ताकि चोरी को रोका जा सके। चीमा ने केंद्र सरकार से अपील की है कि मिथाइल अल्कोहल को विनियमित करने के लिए त्वरित कदम उठाए जाएं।
मानव जीवन की सुरक्षा के लिए कानून की आवश्यकता
उन्होंने कहा कि जहरीली शराब की घटनाओं को रोकने के लिए एक विशेष केंद्रीय कानून की आवश्यकता है। आज एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक में, जिसमें आबकारी विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल थे, उन्होंने यह विचार व्यक्त किए।
मेथनॉल का आयात और परिवहन
आबकारी मंत्री ने बताया कि भारत में उपयोग होने वाला लगभग 90 प्रतिशत मेथनॉल विदेशों से आयात किया जाता है। यह रसायन कई राज्यों की सीमाओं को पार करते हुए अपने औद्योगिक उपभोक्ताओं तक पहुंचता है।
चीमा ने कहा, "चूंकि मेथनॉल कई अंतर-राज्य सीमाओं को पार करता है, इसका परिवहन संविधान की सातवीं अनुसूची की एंट्री 41 के अधीन आता है, जो अंतर-राज्य व्यापार को विनियमित करती है।"
ऑनलाइन बिक्री की अनियमितता
उन्होंने इस बात पर चिंता जताई कि मेथनॉल प्रमुख ई-कॉमर्स प्लेटफार्मों पर आसानी से उपलब्ध है। इसे एक सामान्य रासायनिक वस्तु के रूप में देखा जाता है, जिससे इसकी ऑनलाइन बिक्री अनियमित हो जाती है।
